Uttarakhand: ब्लॉगर ज्योति अधिकारी के खिलाफ अल्मोड़ा में भी FIR, महिलाओं-देवी देवताओं के अपमान का आरोप

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अल्मोड़ा। मशहूर ब्लॉगर ज्योति अधिकारी के खिलाफ अल्मोड़ा कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया है। नगर क्षेत्र की एक महिला ने इंटरनेट मीडिया पर वायरल वीडियो को लेकर तहरीर सौंपते हुए उत्तराखंड की महिलाओं, देवी-देवताओं और सांस्कृतिक प्रतीकों के अपमान का आरोप लगाया है। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

POLICE ACTION , COMPLAINT BASED FIR — पुलिस के अनुसार इंडियन ऑयल पेट्रोल पंप के समीप रहने वाली मीनाक्षी पत्नी किशन कुवार्बी, निवासी पांडेखोला, की ओर से कोतवाली में तहरीर दी गई। तहरीर में कहा गया कि वह उत्तराखंड राज्य की निवासी महिला हैं और इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित वीडियो देखकर उनकी भावनाओं को गहरी ठेस पहुंची है।

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आरोप है कि ब्लॉगर ज्योति अधिकारी पत्नी गोपाल सिंह अधिकारी, निवासी हरिपुर लालमणि किशनपुर, घुड़दौड़ा, हल्द्वानी (जनपद नैनीताल) ने सार्वजनिक मंच पर दराती लहराते हुए उत्तराखंड की महिलाओं, देवी-देवताओं और संस्कृति के विरुद्ध अपमानजनक भाषा का प्रयोग किया।

शिकायतकर्ता महिला का कहना है कि इस तरह के कृत्य से न केवल उनकी व्यक्तिगत भावनाएं आहत हुई हैं, बल्कि पूरे उत्तराखंड में जनता के बीच आक्रोश फैल गया है। उन्होंने कोतवाली पुलिस से आरोपी ब्लॉगर के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

प्रभारी कोतवाल सतीश कापड़ी ने बताया कि तहरीर के आधार पर ब्लॉगर के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 192, 196, 299, 302 तथा आयुध अधिनियम की धारा 27 के अंतर्गत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पूरे मामले की जांच की जा रही है।

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PUBLIC OUTRAGE, WOMEN ORGANISATIONS PROTEST — ब्लॉगर द्वारा सार्वजनिक मंच पर की गई टिप्पणी को लेकर जिले में भारी आक्रोश फैल गया है। महिलाओं और सामाजिक संगठनों ने बयान को अशोभनीय, अपमानजनक और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला बताते हुए पुलिस से सख्त कार्रवाई की मांग की है।

शुक्रवार को बड़ी संख्या में महिलाओं ने एसएसपी कार्यालय पहुंचकर रोष व्यक्त किया। महिलाओं का कहना था कि इंटरनेट मीडिया पर प्रयुक्त भाषा न केवल पहाड़ की महिलाओं के सम्मान के खिलाफ है, बल्कि देवी-देवताओं के प्रति भी अपमानजनक है। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि इस तरह की भाषा उत्तराखंड की सांस्कृतिक और धार्मिक परंपराओं में किसी भी रूप में स्वीकार्य नहीं है।

महिलाओं ने यह भी आरोप लगाया कि इससे पूर्व भी उक्त ब्लॉगर द्वारा सोशल मीडिया पर गाली-गलौज और आपत्तिजनक टिप्पणियां की जाती रही हैं। धार्मिक मान्यताओं को आहत करने का यह प्रयास केवल लोकप्रियता और प्रचार के उद्देश्य से किया गया, जो समाज में वैमनस्य फैलाने जैसा कृत्य है।

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MEMORANDUM SUBMITTED, DEMAND FOR STRICT ACTION — प्रदर्शन के दौरान महिलाओं ने पुलिस क्षेत्राधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुए मामले का स्वतः संज्ञान लेकर गंभीर जांच और सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की।

इस मौके पर कविता वर्मा, रेखा वर्मा, प्रीति रस्तोगी, कमला तिवारी, पायल अधिकारी, मीना बोहरा, हीरा कनवाल, पूनम वर्मा, ममता कनवाल, भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष किरन पंत, मीरा मिश्रा, पूनम तिवारी, मुन्नी रावत, भावना, लीला बिष्ट, ममता खाती सहित कई महिलाएं मौजूद रहीं।

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