नागोया/नई दिल्ली। भारतीय शूटिंग में नीरू ढांडा ने इतिहास रच दिया है। आइची-नागोया एशियन गेम्स में नीरू ने महिलाओं की शॉटगन ट्रैप व्यक्तिगत स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर नया इतिहास बनाया। वह इस स्पर्धा में भारत के लिए पदक जीतने वाली पहली महिला निशानेबाज बन गई हैं। खास बात यह रही कि भारत को इस इवेंट में पहला पदक मिला तो वह सीधे स्वर्ण पदक के रूप में आया।
फाइनल में नीरू ने 30 में से 28 निशाने सटीक लगाए। चीन की यूनॉन्ग सुन ने 26 के स्कोर के साथ रजत पदक जीता। नीरू के इस शानदार प्रदर्शन के साथ ही उन्होंने एशियन रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया।
36 साल का इंतजार हुआ खत्म
महिलाओं की व्यक्तिगत ट्रैप स्पर्धा 1990 के एशियन गेम्स में शामिल हुई थी। इसके बाद से 2022 हांगझोउ एशियाड तक भारत इस स्पर्धा में पोडियम तक नहीं पहुंच सका था। आइची-नागोया में नीरू ने 36 साल के इस इंतजार को खत्म कर दिया।
इससे पहले चीन, जापान, उत्तर कोरिया, दक्षिण कोरिया, थाईलैंड और लेबनान के खिलाड़ी इस स्पर्धा में पदक जीत चुके थे, लेकिन भारत को पहली बार नीरू के रूप में पदक मिला है। नीरू ने इस एशियाड में अपना दूसरा पदक भी हासिल किया है। इससे पहले वह महिला ट्रैप टीम स्पर्धा में आशिमा और मनीषा के साथ रजत पदक जीत चुकी हैं।
एशियन रिकॉर्ड भी तोड़ा
नीरू का 28 का स्कोर सिर्फ स्वर्ण तक सीमित नहीं रहा। उन्होंने महिला ट्रैप व्यक्तिगत स्पर्धा का एशियन रिकॉर्ड भी चार अंकों से बेहतर किया। इससे पहले रिकॉर्ड 24 अंक का था, जो चीनी ताइपे की वान यू लियू ने 19 जनवरी 2026 को बनाया था।
पुरुषों में भारत का शानदार रिकॉर्ड
महिला ट्रैप में भले ही भारत को पहली बार पदक मिला हो, लेकिन पुरुषों की व्यक्तिगत ट्रैप स्पर्धा में भारतीय निशानेबाज पहले भी पदक जीत चुके हैं। रंधीर सिंह ने 1978 बैंकॉक एशियाड में स्वर्ण और 1982 नई दिल्ली एशियाड में कांस्य जीता था। मानवजीत सिंह संधू ने 2006 दोहा एशियाड में रजत, लक्ष्य श्योरण ने 2018 जकार्ता एशियाड में रजत और किनन चेनाई ने 2022 हांगझोउ एशियाड में कांस्य पदक जीता था।
इस एशियाड में व्यक्तिगत स्पर्धा का पहला गोल्ड
नीरू का स्वर्ण भारत के लिए इस एशियाड में इसलिए भी खास है क्योंकि यह व्यक्तिगत स्पर्धा में देश का पहला स्वर्ण पदक है। इससे पहले भारत के स्वर्ण पदक टीम या मिश्रित टीम स्पर्धाओं में आए थे। नीरू ने व्यक्तिगत स्पर्धा में स्वर्ण जीतकर भारतीय अभियान में एक और ऐतिहासिक अध्याय जोड़ दिया।
नीरू ढांडा के लिए यह उपलब्धि एक साथ कई रिकॉर्ड लेकर आई—पहला पदक, पहला स्वर्ण और नया एशियन रिकॉर्ड। आइची-नागोया में उनके 28 सटीक निशानों ने भारतीय शूटिंग के इतिहास में नया अध्याय लिख दिया है।

