बारिश का कहर: बाढ़ में समाया बस स्टैंड, 250 तक वाहन लापता, एक महिला लापता, प्रशासन ने जारी किया हाई अलर्ट

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राजौरी। जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। अचानक आई बाढ़ ने जिले के कई इलाकों में तबाही मचा दी। धरहल नदी के उफान पर आने से न्यू बस स्टैंड बेला क्षेत्र देखते ही देखते पानी में समा गया। बस स्टैंड परिसर और पार्किंग में बाढ़ का पानी भरने से वहां खड़े सैकड़ों वाहन बह गए या पानी में डूब गए। स्थानीय लोगों के अनुसार करीब 200 से 250 वाहन लापता हैं, जबकि एक महिला के लापता होने की भी सूचना है। घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बना हुआ है।

बताया जा रहा है कि तड़के करीब तीन बजे अचानक नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा और कुछ ही मिनटों में बाढ़ का पानी बस स्टैंड तक पहुंच गया। देखते ही देखते सड़कें तालाब में तब्दील हो गईं और पार्किंग में खड़े वाहन पानी की तेज धारा में बहने लगे। स्थानीय लोगों का कहना है कि बाढ़ इतनी भीषण थी कि कुछ ही समय में पूरे बस स्टैंड का स्वरूप बदल गया।

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प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि सुबह जब लोग मौके पर पहुंचे तो वहां तबाही का मंजर दिखाई दिया। एक स्थानीय निवासी ने भावुक होकर कहा, “हमारा सब कुछ बाढ़ में बह गया। बस स्टैंड का अब कोई निशान तक नहीं बचा है।” वहीं एक अन्य व्यक्ति ने बताया कि कई वाहन अभी भी लापता हैं और नुकसान का वास्तविक आंकड़ा प्रशासनिक सर्वे के बाद ही सामने आ सकेगा।

बाजारों में घुसा पानी, कारोबार पर भी पड़ा असर

भारी बारिश के चलते राजौरी शहर के कई बाजारों और निचले इलाकों में भी जलभराव हो गया। दुकानों और प्रतिष्ठानों में पानी घुसने से व्यापारियों को भारी नुकसान उठाना पड़ा। कई दुकानदार घंटों तक पानी निकालने में जुटे रहे। नालियां ओवरफ्लो होने से सड़कों पर गंदा पानी बहने लगा, जिससे यातायात भी प्रभावित रहा और लोगों की आवाजाही मुश्किल हो गई।

स्थानीय लोगों ने प्रशासन से शहर की जल निकासी व्यवस्था को और मजबूत बनाने की मांग करते हुए कहा कि हर वर्ष बारिश के दौरान ऐसे हालात बन जाते हैं, लेकिन स्थायी समाधान नहीं निकल पा रहा है।

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प्रशासन ने जारी की चेतावनी, नदी किनारे रहने वालों को सतर्क रहने की सलाह

बाढ़ की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने लोगों से बिना जरूरी काम घरों से बाहर न निकलने की अपील की है। प्रशासन ने विशेष रूप से नदी, नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी है। नदी किनारे रहने वाले लोगों से कहा गया है कि वे लगातार जलस्तर पर नजर रखें और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत प्रशासन को सूचना दें।

अधिकारियों के अनुसार जिले में राहत एवं बचाव दलों को अलर्ट पर रखा गया है और हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है। प्रभावित क्षेत्रों में नुकसान का आकलन भी शुरू कर दिया गया है।

मानसून के बीच स्वास्थ्य विभाग भी अलर्ट

उधर, मानसून के चलते स्वास्थ्य विभाग ने भी सतर्कता बढ़ा दी है। उधमपुर के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अनिल मन्हास ने बताया कि विभाग की टीमें लगातार क्षेत्रीय दौरे कर रही हैं और लोगों को मौसमी बीमारियों से बचाव के लिए जागरूक किया जा रहा है। पेयजल में क्लोरीन मिलाने, घरों के आसपास पानी जमा न होने देने और कूलर का पानी प्रतिदिन बदलने की सलाह दी जा रही है।

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उन्होंने बताया कि इस वर्ष जनवरी से अब तक जिले में डेंगू के केवल नौ मामले सामने आए हैं और अधिकांश मरीज स्वस्थ हो चुके हैं। विभाग डेंगू और मलेरिया की रोकथाम के लिए व्यापक जागरूकता अभियान भी चला रहा है।

हालात पर बनी हुई है नजर

लगातार जारी बारिश के बीच राजौरी में हालात अभी भी चिंताजनक बने हुए हैं। मौसम साफ नहीं होने के कारण बाढ़ का खतरा पूरी तरह टला नहीं है। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने, मौसम संबंधी आधिकारिक सूचनाओं का पालन करने और किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन से संपर्क करने की अपील की है। राहत एवं बचाव एजेंसियां लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं।

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