Haldwani: स्मार्ट मीटर पर डीएम का बड़ा निर्देश…उपभोक्ता पुराने मीटर को चेक मीटर की तरह रखें, संतुष्टि के बाद ही हटाया जाए

खबर शेयर करें

हल्द्वानी। नैनीताल जिले में स्मार्ट बिजली मीटर लगाने के कार्य की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने विद्युत विभाग को महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि उपभोक्ता पुराने बिजली मीटर को चेक मीटर के रूप में उपयोग कर सकते हैं और जब तक उपभोक्ता पूरी तरह संतुष्ट न हो जाए, तब तक पुराना मीटर नहीं हटाया जाए।

शनिवार को कैंप कार्यालय हल्द्वानी में आयोजित समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी ने आरडीएसएस (RDSS) योजना के तहत चल रहे कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। कुछ कार्यों की धीमी गति पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने अधिकारियों को गुणवत्ता के साथ कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि संबंधित अधिकारी नियमित रूप से स्थलीय निरीक्षण कर कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करें।

यह भी पढ़ें 👉  Uttarakhand: धामी कैबिनेट की बैठक आज, रिवर राफ्टिंग-क्याकिंग नियमावली समेत कई अहम प्रस्तावों पर लग सकती है मुहर

बैठक में अधिकारियों ने बताया कि जिले में स्मार्ट मीटर लगाने का कार्य तेजी से जारी है। वर्तमान में हल्द्वानी (नगर) में 49.5 प्रतिशत, हल्द्वानी (ग्रामीण) में 35.8 प्रतिशत, रामनगर में 55.67 प्रतिशत और नैनीताल खंड में 38.4 प्रतिशत स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। विभाग ने बताया कि स्मार्ट मीटर से जुड़ी शिकायतों का भी लगातार निस्तारण किया जा रहा है।

यह भी पढ़ें 👉  Haldwani: कांग्रेस का ‘मनरेगा बचाओ अभियान’ शुरू, 11 जनवरी से 25 फरवरी तक होंगे कार्यक्रम

जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि स्मार्ट मीटर लगाए जाने के बाद उपभोक्ता अपने पुराने मीटर को कुछ समय तक चेक मीटर के रूप में उपयोग कर सकेंगे। इससे उपभोक्ताओं को बिजली खपत और बिलिंग को लेकर संतुष्टि मिल सकेगी। संतुष्ट होने के बाद ही पुराना मीटर हटाया जाएगा।

बैठक में सीएम हेल्पलाइन की लंबित शिकायतों की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि 30 दिनों से अधिक समय से लंबित सभी शिकायतों का तत्काल निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।

यह भी पढ़ें 👉  सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: दूसरी शादी वैध न होने पर भी महिला को मिलेगा भरण-पोषण

इसके अलावा बिजली चोरी पर अंकुश लगाने के लिए विभागीय प्रवर्तन दल को संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष जांच अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने कहा कि विद्युत हानि कम करने के लिए बिजली चोरी रोकना आवश्यक है और इस दिशा में प्रभावी कार्रवाई की जाए।

बैठक में अधीक्षण अभियंता रवि कुमार राजौरा, अधिशासी अभियंता एस.के. सहगल, एस.के. गुप्ता, प्रदीप कुमार तथा गोविंद सिंह कार्की सहित विद्युत विभाग के अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

ADVERTISEMENTS Ad

You cannot copy content of this page