सर्पदंश का हादसा दिखाने के लिए घंटों चलता रहा ड्रामा, पोस्टमार्टम से बचने की कोशिश नाकाम…पत्नी, प्रेमी और दो सपेरे गिरफ्तार
मेरठ। उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के हस्तिनापुर से रिश्तों को शर्मसार कर देने वाली एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है। यहां स्कूल संचालक अतुल कुमार पंवार (32) की हत्या किसी हादसे में नहीं, बल्कि बेहद सुनियोजित साजिश के तहत की गई। पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि अतुल की पत्नी दामिनी भड़ाना ने अपने प्रेमी और स्कूल बस चालक तुषार के साथ मिलकर पहले पति को नींद की गोलियां खिलाईं और फिर जहरीले कॉमन करैत सांप से डसवाकर मौत के घाट उतार दिया। हत्या के पीछे 20 लाख रुपये के बीमा की रकम और प्रेम संबंध को वजह बताया जा रहा है।
पुलिस ने इस मामले में पत्नी दामिनी, प्रेमी तुषार और सांप उपलब्ध कराने वाले दो सपेरों उदय और सोनू (राजू) को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से सभी को जेल भेज दिया गया। पुलिस का दावा है कि चारों आरोपियों ने पूछताछ में अपना जुर्म कबूल कर लिया है।
ऐसे रची गई मौत की पूरी पटकथा
एसएसपी अविनाश पांडेय और एसपी देहात अभिजीत कुमार के अनुसार, हत्या की योजना कई दिनों पहले बनाई गई थी। तुषार ने बाजार से नींद की गोलियां खरीदीं और दामिनी को दीं। बृहस्पतिवार रात दामिनी ने पति अतुल के दूध और खाने में गोलियां मिला दीं। जब वह गहरी नींद में सो गए, तब रात करीब दो बजे तुषार अपने सपेरे साथी उदय को लेकर घर पहुंचा।
आरोप है कि उदय ने जहरीले कॉमन करैत सांप से अतुल के हाथ और पैर पर कई बार डसवाया। इसके बाद सांप को जानबूझकर बिस्तर पर छोड़ दिया गया ताकि पूरी घटना सामान्य सर्पदंश जैसी लगे। वारदात को अंजाम देने के बाद तुषार और सपेरे मौके से फरार हो गए।
सुबह शुरू हुआ ‘सर्पदंश’ का ड्रामा
सुबह करीब सात बजे दामिनी ने तुषार को दोबारा फोन कर घर बुलाया। इसके बाद दोनों ने शोर मचाना शुरू किया कि अतुल को सांप ने काट लिया है। दिखावे के लिए अतुल को स्कूल वैन में डालकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
जब परिजनों और पुलिस को संदेह होने लगा तो आरोपियों ने एक और नाटक रचा। अतुल के शव को झाड़-फूंक कराने के बहाने चेतावला गांव ले जाया गया, ताकि पोस्टमार्टम से बचा जा सके। हालांकि वहां भी झाड़-फूंक करने वाले व्यक्ति ने अतुल को मृत घोषित कर दिया।
पोस्टमार्टम से बचाने के लिए पत्नी ने किया विरोध
इसके बाद शव को पैतृक गांव भंडोरा ले जाया गया, जहां परिवार ने अंतिम संस्कार से इनकार करते हुए पोस्टमार्टम कराने की मांग की। जब पुलिस ने पोस्टमार्टम कराने की बात कही तो दामिनी इसका विरोध करने लगी। उसने दावा किया कि अतुल जीवन में हमेशा कहते थे कि उनकी मौत के बाद पोस्टमार्टम न कराया जाए। पत्नी की इस दलील पर मृतक के पिता अजब सिंह और भाई कुलदीप, जो नोएडा पुलिस में हेड कांस्टेबल हैं, को और ज्यादा शक हुआ। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या अतुल को पहले से पता था कि उनकी हत्या होने वाली है?
मोबाइल ने खोल दी पूरी साजिश
पुलिस ने जब दामिनी और तुषार के मोबाइल फोन खंगाले तो कई अहम सबूत हाथ लगे। दोनों के बीच लगातार बातचीत, व्हाट्सएप चैट और सपेरे के साथ सांप की तस्वीरें मिलीं। इसके बाद सख्ती से पूछताछ में दामिनी टूट गई और पूरी साजिश का खुलासा हो गया।
पुलिस जांच में सामने आया कि तुषार पिछले तीन महीने से अतुल के स्कूल में बस चालक के रूप में काम कर रहा था। इसी दौरान उसका दामिनी से प्रेम संबंध हो गया। दोनों ने मिलकर अतुल को रास्ते से हटाने की योजना बनाई।
20 लाख के बीमे के लिए रची गई हत्या
जांच में यह भी सामने आया कि अतुल के नाम करीब 20 लाख रुपये का बीमा था। पुलिस के मुताबिक आरोपी इस रकम को हासिल करना चाहते थे। योजना के तहत सपेरों को करीब पांच लाख रुपये देने की बात भी तय हुई थी।
प्रेमी की बदली आर्थिक हालत भी बनी जांच का हिस्सा
पुलिस की जांच में यह भी सामने आया कि दामिनी से नजदीकियां बढ़ने के बाद तुषार की आर्थिक स्थिति अचानक सुधर गई थी। पहले आर्थिक तंगी झेलने वाला तुषार अचानक सोने की अंगूठियां और चेन पहनने लगा। स्थानीय लोगों का दावा है कि ये महंगे आभूषण दामिनी ने ही उसे दिलवाए थे। दामिनी ने उसे बच्चों को लाने-ले जाने के लिए स्कूल वैन भी उपलब्ध कराई थी।
2019 में हुई थी प्रेम विवाह, छह साल का बेटा हुआ बेसहारा
अतुल और दामिनी ने वर्ष 2019 में प्रेम विवाह किया था। तीन महीने पहले दोनों ने मिलकर कृष्णा किड्स प्ले स्कूल शुरू किया था। दंपती अपने छह वर्षीय बेटे मानिक के साथ किराये के मकान में रह रहे थे। पिता की हत्या के बाद मानिक अब अपने दादा के साथ पैतृक गांव चला गया है।
मायके वालों ने भी तोड़ा रिश्ता
घटना के बाद दामिनी के मायके वालों ने भी उससे किनारा कर लिया। उसका भाई थाने पहुंचा और पुलिस के सामने कहा कि “आज से हमारा दामिनी से कोई रिश्ता नहीं है। अब वह कभी हमारे घर नहीं आए।”
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सर्पदंश की पुष्टि
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में अतुल के शरीर पर सांप के डसने के निशानों की पुष्टि हुई है। हालांकि मौत का सटीक कारण जानने के लिए विसरा सुरक्षित रखा गया है। पुलिस का कहना है कि फोरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद मामले में और धाराएं जोड़ी जा सकती हैं। फिलहाल चारों आरोपियों को जेल भेज दिया गया है, जबकि पुलिस इस सनसनीखेज हत्याकांड में अन्य लोगों की संभावित भूमिका की भी जांच कर रही है।

