मई की शुरुआत में ‘महंगाई का झटका’…कमर्शियल गैस ₹993 महंगी, छोटू सिलिंडर भी बढ़ा, घरेलू उपभोक्ताओं को राहत

खबर शेयर करें

नई दिल्ली: मई महीने की शुरुआत के साथ ही आम जनता और कारोबारियों को महंगाई का तगड़ा झटका लगा है। ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने एलपीजी सिलिंडर की कीमतों में बड़ा बदलाव करते हुए कमर्शियल और छोटे सिलिंडरों के दाम बढ़ा दिए हैं, जिसका सीधा असर बाजार और रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ने वाला है।

सबसे बड़ा झटका 19 किलो वाले कमर्शियल गैस सिलिंडर पर लगा है। इसकी कीमत में पूरे देश में ₹993 की भारी बढ़ोतरी की गई है। राजधानी नई दिल्ली में अब यह सिलिंडर ₹2,078.50 से बढ़कर ₹3,071.50 हो गया है। इतनी बड़ी बढ़ोतरी का असर सीधे रेस्तरां, ढाबों और कैटरिंग कारोबार पर पड़ेगा, जिससे बाहर खाना महंगा होना लगभग तय है।

यह भी पढ़ें 👉  विवाहिता व दो मासूम बेटियों के शव तालाब से बरामद, बेटा न होने पर हत्या का आरोप, जांच में जुटी पुलिस

केवल बड़े कारोबार ही नहीं, बल्कि छोटे उपभोक्ताओं पर भी असर पड़ा है। 5 किलो वाले फ्री ट्रेड एलपीजी (FTL) सिलिंडर, जिसे आमतौर पर “छोटू” कहा जाता है, उसकी कीमत में भी ₹261 की बढ़ोतरी की गई है। यह सिलिंडर सब्सिडी के दायरे में नहीं आता, इसलिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में होने वाले उतार-चढ़ाव का सीधा असर इसकी कीमतों पर पड़ता है। इससे छात्रों, किराए पर रहने वालों और प्रवासी मजदूरों की जेब पर अतिरिक्त बोझ बढ़ेगा।

यह भी पढ़ें 👉  उत्तराखंड: पर्वतीय जिलों में बदलेगा मौसम, मैदानी इलाकों में तेज धूप से बढ़ेगा पारा

हालांकि, राहत की बात यह है कि 14.2 किलो वाले घरेलू एलपीजी सिलिंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। नई दिल्ली में यह अभी भी ₹913 की पुरानी दर पर ही मिल रहा है, जिससे देश के करोड़ों परिवारों को फिलहाल राहत मिली है।

विशेषज्ञों के अनुसार, गैस की कीमतों में यह उछाल अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों से जुड़ा हुआ है। पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव—खासतौर पर ईरान, इजराइल और अमेरिका के बीच हालात—ने वैश्विक ऊर्जा बाजार को अस्थिर कर दिया है। भारत अपनी एलपीजी जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए अंतरराष्ट्रीय कीमतों में बदलाव का सीधा असर देश के कमर्शियल सिलिंडर रेट पर पड़ता है।

यह भी पढ़ें 👉  पैन कार्ड में गलती सुधरवाना अब आसान: घर बैठे ऑनलाइन करें सुधार, जानिए पूरी प्रक्रिया

कुल मिलाकर, कमर्शियल और छोटे सिलिंडरों की कीमतों में इस भारी बढ़ोतरी से बाजार में महंगाई का दबाव बढ़ना तय है, जबकि घरेलू उपभोक्ताओं को फिलहाल राहत जरूर मिली है—लेकिन यह राहत कब तक बनी रहेगी, इस पर सभी की नजर टिकी हुई है।

ADVERTISEMENTS Ad

You cannot copy content of this page