नैनीताल। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर संत निरंकारी मिशन की सामाजिक शाखा संत निरंकारी चैरिटेबल फाउंडेशन ने नैनीताल में व्यापक स्वच्छता एवं पर्यावरण जागरूकता अभियान चलाया। संयुक्त राष्ट्र की थीम ‘बीट प्लास्टिक पॉल्यूशन’ के अनुरूप आयोजित कार्यक्रम में मिशन के हजारों स्वयंसेवकों ने शहर के विभिन्न क्षेत्रों में सफाई कर लोगों को पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
कार्यक्रम का उद्घाटन नगर पालिका अध्यक्ष सरस्वती खेतवाल, अधिशासी अधिकारी रोहतास शर्मा और दर्जा राज्यमंत्री दिनेश आर्य ने किया। इस अवसर पर पर्यावरण संरक्षण और प्लास्टिक मुक्त समाज के निर्माण का संकल्प भी लिया गया।
अभियान के तहत फ्लैट्स मैदान, तल्लीताल, मल्लीताल, नैना देवी मंदिर क्षेत्र, स्नो व्यू, सूखाताल और राजभवन मार्ग सहित कई प्रमुख स्थानों पर सफाई अभियान चलाया गया। स्वयंसेवकों ने हाथों में बैनर और जागरूकता संदेशों वाली तख्तियां लेकर लोगों को स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के प्रति प्रेरित किया। युवाओं ने नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से भी प्लास्टिक प्रदूषण के दुष्प्रभावों और प्रकृति संरक्षण का संदेश दिया।
मिशन के पदाधिकारियों ने कहा कि मानव द्वारा प्राकृतिक संसाधनों के अंधाधुंध दोहन के कारण पर्यावरण गंभीर संकट का सामना कर रहा है। ऐसे में प्रत्येक व्यक्ति को प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझते हुए पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभानी होगी।
संत निरंकारी चैरिटेबल फाउंडेशन के सचिव जोगिंदर सुखीजा ने बताया कि मिशन वर्ष 2014 से संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम की थीम के अनुरूप विश्व पर्यावरण दिवस मना रहा है। इस वर्ष देशभर के 18 प्रमुख पर्वतीय और पर्यटन स्थलों पर स्वच्छता और वृक्षारोपण अभियान आयोजित किए गए हैं, जिनमें उत्तराखंड के नैनीताल, मसूरी, ऋषिकेश और लैंसडाउन भी शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि संत निरंकारी मिशन आध्यात्मिक जागरूकता के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण, जल स्रोतों के संवर्धन, वृक्षारोपण, स्वच्छता अभियान और विभिन्न सामाजिक सेवा गतिविधियों के माध्यम से समाज के उत्थान के लिए निरंतर कार्य कर रहा है।
कार्यक्रम के अंत में सभी स्वयंसेवकों ने पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता और प्लास्टिक मुक्त भारत के निर्माण के लिए निरंतर प्रयास करने का संकल्प लिया। मिशन के पदाधिकारियों ने कहा कि प्रकृति की रक्षा केवल एक दिवस का कार्यक्रम नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए सतत अभियान है।

