हल्द्वानी। राजकीय मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी के डॉ. सुशीला तिवारी राजकीय चिकित्सालय (एसटीएच) में चिकित्सकों ने एक जटिल और चुनौतीपूर्ण सर्जरी को सफलतापूर्वक अंजाम देकर मानव सेवा और टीम वर्क की मिसाल पेश की है। जनरल सर्जरी विभाग की टीम ने 37 वर्षीय महिला के दाहिने स्तन से 6.4 किलोग्राम वजनी विशाल गांठ को सफलतापूर्वक निकालकर उसे नई जिंदगी दी।

पिथौरागढ़ जिले के मूनाकोट ब्लॉक अंतर्गत भटेड़ी गांव निवासी पूजा देवी पिछले एक वर्ष से दाहिने स्तन में अत्यधिक बड़ी गांठ की समस्या से पीड़ित थीं। स्थानीय स्तर पर उपचार के बाद उन्हें बेहतर चिकित्सा के लिए एसटीएच हल्द्वानी रेफर किया गया। वह अपनी आठ वर्षीय बेटी के साथ अस्पताल पहुंचीं, जहां विशेषज्ञ चिकित्सकों ने उनकी जांच की।
जांच के दौरान मरीज का हीमोग्लोबिन स्तर मात्र 4 ग्राम प्रति डेसीलीटर पाया गया, जो बेहद गंभीर स्थिति थी। वहीं मरीज के पति पूर्व में हुए पेल्विक फ्रैक्चर के कारण लंबे समय से बिस्तर पर हैं, जिससे परिवार आर्थिक और सामाजिक संकट से गुजर रहा था।
जनरल सर्जरी विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. प्रतीक शाक्य ने बताया कि ऑपरेशन के लिए तत्काल रक्त की आवश्यकता थी, लेकिन परिवार में कोई रक्तदाता उपलब्ध नहीं था। ऐसे में अस्पताल की टीम ने समाजसेवियों और स्वैच्छिक रक्तदाताओं की मदद से सात यूनिट रक्त की निःशुल्क व्यवस्था की। आवश्यक रक्त चढ़ाने और चिकित्सकीय प्रबंधन के बाद मरीज को ऑपरेशन के लिए तैयार किया गया।
डॉ. प्रतीक शाक्य के नेतृत्व में सर्जिकल टीम ने सफल ऑपरेशन कर महिला के दाहिने स्तन से 6.4 किलोग्राम वजन की विशाल गांठ को सुरक्षित रूप से निकाल दिया। खास बात यह रही कि पूरा उपचार और ऑपरेशन आयुष्मान भारत योजना के तहत निःशुल्क किया गया।
डॉ. शाक्य ने इस सफलता का श्रेय पूरी टीम को देते हुए विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. राजीव कुमार सिंह, प्राचार्य डॉ. जी.एस. तितियाल तथा चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अरुण जोशी के मार्गदर्शन और सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। इस ऑपरेशन में डॉ. चन्द्र प्रताप, डॉ. आकांक्षा गुप्ता और डॉ. काजल का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा।
मरीज की सफल सर्जरी पर प्राचार्य डॉ. जी.एस. तितियाल ने पूरी टीम को बधाई देते हुए कहा कि यह संस्थान के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि एसटीएच में लगातार जटिल ऑपरेशन सफलतापूर्वक किए जा रहे हैं, जिससे पर्वतीय और दूरस्थ क्षेत्रों के मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं अपने प्रदेश में ही उपलब्ध हो रही हैं।
वहीं चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अरुण जोशी ने कहा कि आयुष्मान भारत योजना के माध्यम से पात्र मरीजों को उपचार, ऑपरेशन और दवाइयों की सुविधाएं निःशुल्क उपलब्ध कराई जा रही हैं। इससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को बड़ी राहत मिल रही है और मरीजों में सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति विश्वास बढ़ रहा है।
यह सफल ऑपरेशन न केवल चिकित्सकों की विशेषज्ञता का उदाहरण है, बल्कि यह भी साबित करता है कि सरकारी अस्पतालों में आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं और समर्पित चिकित्सकीय सेवाओं के माध्यम से जटिल से जटिल मामलों का भी सफल उपचार संभव है।

