हल्द्वानी। विधायक सुमित हृदयेश के फोन टैपिंग और लोकेशन ट्रैक किए जाने की आशंका से जुड़े मामले में नया मोड़ सामने आया है। पिछले साल विधायक ने जिन दो लोगों पर संदेह जताते हुए पुलिस से शिकायत की थी, जांच में उनमें से हल्द्वानी निवासी एक व्यक्ति उनका बेहद करीबी निकला। हालांकि, पुलिस जांच में फोन टैपिंग या लोकेशन ट्रैक किए जाने के आरोपों की पुष्टि नहीं हो सकी है।
एसएसपी डॉ. मंजुनाथ टीसी ने बताया कि विधायक सुमित हृदयेश ने पिछले साल तत्कालीन एसएसपी को तहरीर देकर मामले की जांच कराने की मांग की थी। तहरीर में हल्द्वानी और नोएडा निवासी दो लोगों के नाम शामिल थे। विधायक के अनुसार, हल्द्वानी निवासी व्यक्ति ने दिल्ली में उनकी मुलाकात नोएडा के एक युवक से कराई थी, जो मोबाइल रिपेयरिंग की दुकान चलाता है।
मोबाइल की जांच कराने के बाद हुआ था शक
शिकायत के मुताबिक, विधायक ने अपना मोबाइल फोन यह पता लगाने के लिए युवक को दिया था कि कहीं उनका फोन टैप तो नहीं हो रहा है। कुछ दिन बाद मोबाइल वापस मिलने पर उन्हें आशंका हुई कि उनकी लोकेशन ट्रैक की जा रही है। इसके बाद उन्होंने दोनों व्यक्तियों की भूमिका पर संदेह जताते हुए पुलिस से जांच की मांग की थी।
पुलिस और खुफिया विभाग ने की जांच
मामले की पुलिस और खुफिया विभाग ने अलग-अलग स्तर पर जांच की। एसएसपी के मुताबिक, जांच में हल्द्वानी निवासी व्यक्ति विधायक का बेहद करीबी पाया गया, लेकिन फोन टैपिंग और लोकेशन ट्रैकिंग से जुड़ी आशंकाओं की पुष्टि नहीं हुई।
एसएसपी ने बताया कि कोतवाल और एलआईयू प्रभारी विधायक से मुलाकात कर मामले की जानकारी लेंगे। यदि विधायक की ओर से कोई नया शिकायती पत्र दिया जाता है, तो उसकी भी जांच की जाएगी।

