बीमार बच्ची के इलाज का खर्च नहीं उठा पाने की बात कह रहे आरोपी, 17 अक्टूबर को चर्च के पास कपड़े में लिपटी मिली थी नवजात
रुद्रपुर। जिस मासूम ने अभी दुनिया में आंखें खोलकर जिंदगी को ठीक से देखा भी नहीं था, उसे अपनों ने ही बेसहारा छोड़ दिया। सिंह कॉलोनी स्थित सेंट जॉन चर्च के पास खड़ी एक कार के नीचे कपड़े में लिपटी मिली नवजात बच्ची की इलाज के दौरान मौत हो गई। मामले में पुलिस ने बच्ची की मां, नानी और एक अन्य व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने पूछताछ में बच्ची के बीमार होने और इलाज का खर्च नहीं उठा पाने की बात कही है।
कार के नीचे कपड़े में लिपटी मिली मासूम
घटना 17 अक्टूबर की है। सिंह कॉलोनी की गली नंबर एक स्थित चर्च रोड पर खड़ी कार के नीचे कपड़े में लिपटी नवजात बच्ची मिलने की सूचना डायल 112 पर दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और बच्ची को तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया। बच्ची की हालत गंभीर थी, लिहाजा चिकित्सकों ने उसे एनआईसीयू में भर्ती कर उपचार शुरू किया। हालत में गंभीरता को देखते हुए उसे बेहतर इलाज के लिए हल्द्वानी स्थित सुशीला तिवारी अस्पताल रेफर कर दिया गया। जिंदगी और मौत के बीच जूझ रही बच्ची को बचाने की कोशिशें हुईं, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
जन्म के अगले ही दिन अस्पताल से मिली थी छुट्टी
जांच में सामने आया कि बच्ची का जन्म 16 अक्टूबर की रात बिलासपुर के एक अस्पताल में हुआ था। उसके बाएं हाथ में कैन्युला लगा था और नाभि पर क्लिप लगी हुई थी। यानी जन्म के कुछ ही समय बाद उसे चिकित्सकीय देखभाल की जरूरत थी। पुलिस के अनुसार, 17 अक्टूबर को अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद आरोपी बच्ची को घर ले जाने के बजाय चर्च के पास छोड़ आए।
मां, नानी समेत तीन गिरफ्तार
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। विवेचना के दौरान मिले तथ्यों के आधार पर सोमवार को आजादनगर, ट्रांजिट कैंप क्षेत्र से तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया। इनमें बच्ची की मां शीतल (23), नानी लीलावती (45) और मुनीश पाल (30) शामिल हैं। दोनों महिलाएं आजादनगर की निवासी हैं, जबकि मुनीश पाल मूल रूप से शाहजहांपुर जिले के भगवन्तापुर का रहने वाला है और वर्तमान में आजादनगर में रह रहा था।
इलाज का खर्च अधिक होने की बात कह रहे आरोपी
सीओ सिटी के अनुसार, पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि बच्ची बीमार थी और डॉक्टर ने इलाज का खर्च काफी अधिक बताया था। उनके पास उपचार के लिए पर्याप्त पैसे नहीं थे। पुलिस के मुताबिक, दोनों महिलाएं मुनीश पाल की मोटरसाइकिल से बच्ची को चर्च के पास ले गई थीं और वहां छोड़कर चली गईं।
फिलहाल पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है और मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। जिस मासूम को जिंदगी की शुरुआत में ही सहारे की जरूरत थी, उसकी मौत ने इस घटना को बेहद संवेदनशील बना दिया है।

