जिला अस्पताल में इंसानियत शर्मसार: अर्धविक्षिप्त युवक को स्वीपर ने पैरों से पीटा, वीडियो वायरल होते ही निलंबन

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रायबरेली जिला अस्पताल की घटना पर डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक सख्त, जांच समिति गठित…मरीजों से दुर्व्यवहार पर जीरो टॉलरेंस के निर्देश

रायबरेली। उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिला अस्पताल से मानवता को शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है। अस्पताल परिसर में जमीन पर बैठे एक अर्धविक्षिप्त युवक के साथ महिला स्वीपर द्वारा पैरों से मारपीट और अभद्र व्यवहार का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। मामले का संज्ञान लेते हुए उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक ने कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए, जिसके बाद संबंधित महिला स्वीपर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। पूरे प्रकरण की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन भी किया गया है।

मंगलवार सुबह जिला अस्पताल के वार्ड के प्रवेश द्वार के बाहर गैलरी में एक अर्धविक्षिप्त युवक जमीन पर बैठा हुआ था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार वह असहाय अवस्था में था और यह समझ नहीं पा रहा था कि उसे कहां जाना है। इसी दौरान वहां पहुंची महिला स्वीपर ने उसकी मदद करने के बजाय उसे पैरों से पीटना शुरू कर दिया। वायरल वीडियो में महिला युवक के सिर और पीठ पर पैर से वार करती हुई तथा उसे गालियां देती हुई दिखाई दे रही है। हैरानी की बात यह रही कि पास में खड़ा सुरक्षा गार्ड पूरी घटना देखता रहा, लेकिन उसने हस्तक्षेप करने की कोई कोशिश नहीं की।

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घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही अस्पताल प्रशासन हरकत में आया। जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस) डॉ. पुष्पेंद्र कुमार ने मामले का संज्ञान लेते हुए महिला स्वीपर पिंकी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। निलंबन अवधि में उसे आयुष विभाग की ओपीडी से संबद्ध किया गया है।

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मामला लखनऊ पहुंचने पर उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने भी सोशल मीडिया के माध्यम से घटना की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि मरीजों के साथ किसी भी प्रकार का दुर्व्यवहार या अमानवीय व्यवहार किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने दोषी कर्मचारी के खिलाफ तत्काल कार्रवाई के निर्देश देते हुए स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य सेवाओं में संवेदनशीलता सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।

तीन सदस्यीय जांच समिति गठित

घटना की निष्पक्ष जांच के लिए जिला अस्पताल प्रशासन ने तीन सदस्यीय समिति का गठन किया है। समिति में डॉ. दिनेश प्रताप सरोज, डॉ. ऋचा और सुषमा यादव को शामिल किया गया है। समिति पूरे घटनाक्रम की जांच कर अपनी रिपोर्ट अस्पताल प्रशासन को सौंपेगी, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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प्रदेशभर के अस्पतालों को सख्त निर्देश

मामले की गंभीरता को देखते हुए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अमित कुमार घोष ने प्रदेश के सभी मुख्य चिकित्सा अधिकारियों और अस्पताल अधीक्षकों को सख्त निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा है कि यदि किसी अस्पताल में मरीजों के साथ अभद्रता या अमानवीय व्यवहार की घटना सामने आती है तो संबंधित कर्मचारी के साथ-साथ अस्पताल का अधीक्षक भी जिम्मेदार माना जाएगा।

निर्देशों में कहा गया है कि अस्पतालों में कार्यरत कर्मचारियों को समय-समय पर व्यवहार और सेवा आचरण का प्रशिक्षण दिया जाए। जिन कर्मचारियों के व्यवहार में सुधार नहीं होता, उनके खिलाफ कठोर विभागीय कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

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