अमेरिका ने भारत की रक्षा खरीद पर उठाए सवाल, रूसी हथियारों पर निर्भरता खत्म करने की दी सलाह

खबर शेयर करें

नई दिल्ली। अमेरिका ने भारत की रक्षा नीति और व्यापारिक संबंधों को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। अमेरिकी वाणिज्य मंत्री हॉवर्ड लुटनिक ने भारत से रूसी हथियारों पर अपनी निर्भरता समाप्त करने का आग्रह किया है। उनका कहना है कि ऐसा करने से भारत-अमेरिका संबंधों को और मजबूती मिलेगी।

अमेरिका का क्या कहना है?

लुटनिक ने कहा, “भारत ने ऐतिहासिक रूप से रूस से बड़ी मात्रा में सैन्य उपकरण खरीदे हैं। यह एक ऐसी चीज़ है, जिसे खत्म करने की जरूरत है। अमेरिका आधुनिक हथियारों का विकल्प देने के लिए तैयार है।”

भारत-रूस संबंधों पर असर?

गौरतलब है कि भारत और रूस के रिश्ते दशकों पुराने हैं। भारत पेट्रोलियम से लेकर हथियारों तक रूस से लगातार खरीदारी करता रहा है। अमेरिका चाहता है कि भारत अब रूसी हथियारों की जगह अमेरिकी रक्षा उपकरणों को प्राथमिकता दे।

यह भी पढ़ें 👉  शिकायतकर्ता को नग्न कर मारपीट करने के मामले में पूर्व एसपी पिथौरागढ़ लोकेश्वर सिंह दोषी, कार्रवाई के आदेश

ब्रिक्स पर भी उठाए सवाल

लुटनिक ने ब्रिक्स (BRICS) में भारत की मौजूदगी पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि ब्रिक्स अमेरिकी डॉलर के विकल्प के रूप में एक वैश्विक मुद्रा बनाने की कोशिश कर रहा है, जो अमेरिका-भारत संबंधों को कमजोर करता है।

यह भी पढ़ें 👉  Uttarakhand: आबकारी विभाग की बड़ी कार्रवाई, 5 अवैध भट्टियां ध्वस्त, 170 लीटर कच्ची शराब बरामद

अमेरिका का भारत को संदेश

लुटनिक ने कहा, “इस तरह की चीजें आपसी प्रेम और स्नेह को बढ़ावा नहीं देतीं। हम चाहते हैं कि व्यापार निष्पक्ष हो और भारत-अमेरिका संबंध और मजबूत हों।”

क्या भारत बदलेगा अपनी नीति?

अब देखना होगा कि भारत अपनी रक्षा खरीद नीति में बदलाव करता है या नहीं। भारत हमेशा से स्वतंत्र रक्षा नीति पर चलता आया है और रूस से हथियार खरीदने का निर्णय भी सामरिक और रणनीतिक जरूरतों के आधार पर लिया जाता है।

You cannot copy content of this page