नोटिस के बावजूद नहीं दिखाए गए वैध दस्तावेज, कड़ी सुरक्षा में हटाया गया अतिक्रमण
किच्छा: आनंदपुर मोड़ से किच्छा तक प्रस्तावित स्टेट हाईवे चौड़ीकरण के तहत प्रशासन ने शनिवार सुबह बड़ी कार्रवाई करते हुए कथित अवैध बेनी मजार को ध्वस्त कर दिया। यह मजार लंबे समय से अतिक्रमण के दायरे में बताई जा रही थी और परियोजना में बाधा बन रही थी।
प्रशासन के अनुसार, मजार से जुड़े पक्षों को पहले ही वैध दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए नोटिस जारी किए गए थे, लेकिन निर्धारित समयावधि में कोई ठोस प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया गया। इसके चलते संयुक्त प्रशासनिक टीम ने पुलिस बल की मौजूदगी में कार्रवाई को अंजाम दिया।
जानकारी के मुताबिक, इज्जतनगर रेलवे प्रशासन की ओर से 26 मई 2023 और 18 सितंबर 2025 को नोटिस जारी किए गए थे। बावजूद इसके न तो अतिक्रमण हटाया गया और न ही कोई जवाबी कार्रवाई की गई। इसके बाद 25 अप्रैल 2026 को रेलवे प्रशासन ने जिला प्रशासन से पुलिस बल उपलब्ध कराने का अनुरोध किया।
जिलाधिकारी के निर्देश पर गठित टीम ने मौके पर पहुंचकर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की। इस दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। प्रशासन ने बताया कि ध्वस्तीकरण के दौरान स्थल से किसी प्रकार की संवेदनशील या आपत्तिजनक सामग्री बरामद नहीं हुई।
राज्य सरकार की नीति के तहत सरकारी भूमि पर अतिक्रमण के खिलाफ अभियान लगातार जारी है। इसी क्रम में प्रदेश भर में अब तक सैकड़ों अवैध निर्माणों को हटाया जा चुका है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सरकारी जमीन पर अतिक्रमण किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और इस तरह की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

