नई दिल्ली। केंद्र सरकार द्वारा कीमती धातुओं पर आयात शुल्क बढ़ाने के फैसले के बाद बुधवार को सर्राफा बाजार में जबरदस्त उछाल देखने को मिला। सोने की कीमत में 8,550 रुपये प्रति 10 ग्राम की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई, जबकि चांदी 20,500 रुपये प्रति किलो तक महंगी हो गई।
अखिल भारतीय सर्राफा संघ के अनुसार दिल्ली बाजार में 99.9 फीसदी शुद्धता वाले सोने का भाव बढ़कर 1,65,350 रुपये प्रति 10 ग्राम पहुंच गया। इससे पहले सोना 1,56,800 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। वहीं चांदी की कीमत 2,77,000 रुपये प्रति किलोग्राम से बढ़कर 2,97,500 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई।
सरकार ने बुधवार से सोने और चांदी पर आयात शुल्क 6 फीसदी से बढ़ाकर 15 फीसदी कर दिया है। इसके अलावा प्लेटिनम पर भी आयात शुल्क 6.4 फीसदी से बढ़ाकर 15.4 फीसदी किया गया है।
सरकार का कहना है कि यह कदम पश्चिम एशिया संकट के कारण बढ़ते आयात बिल को नियंत्रित करने और गैर-जरूरी आयात कम करने के उद्देश्य से उठाया गया है। प्रधानमंत्री Narendra Modi भी विदेशी मुद्रा व्यय कम करने के लिए सोने की खरीद सीमित करने की अपील कर चुके हैं।
रुपये की कमजोरी से भी बढ़ा दबाव
विश्लेषकों के अनुसार आयात शुल्क बढ़ने के साथ-साथ कमजोर रुपये ने भी कीमती धातुओं की कीमतों को और ऊपर पहुंचा दिया है। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 95.80 के निचले स्तर पर पहुंच गया, जिससे आयात महंगा हो गया है।
Geojit Investments Limited के कमोडिटी रिसर्च प्रमुख हरीश वी ने कहा कि आयात शुल्क में बढ़ोतरी का सीधा असर घरेलू बाजार पर पड़ेगा और आने वाले दिनों में सोना-चांदी की खरीद और महंगी हो सकती है। हालांकि उन्होंने निवेशकों को घबराने की जरूरत नहीं बताते हुए कहा कि वैश्विक अनिश्चितता के दौर में सोना अब भी सुरक्षित निवेश माना जाता है।
भारत पर बढ़ रहा आयात का दबाव
भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा कीमती धातु उपभोक्ता देश है। कच्चे तेल के बाद सोना देश का दूसरा सबसे बड़ा आयातित उत्पाद माना जाता है। हाल के महीनों में सोने की बढ़ती मांग के कारण विदेशी मुद्रा बहिर्वाह बढ़ा है, जिससे रुपये पर अतिरिक्त दबाव बना हुआ है।
रत्न एवं आभूषण निर्यात संवर्धन परिषद ने चेतावनी दी है कि आयात शुल्क बढ़ाने से सोने का आयात पूरी तरह नहीं रुकता, बल्कि बाजार में कीमतें और बढ़ जाती हैं।
वहीं कई ज्वेलरी कारोबारियों का मानना है कि आयात शुल्क बढ़ाने के बजाय सोने और चांदी के आयात पर मात्रात्मक नियंत्रण ज्यादा प्रभावी कदम हो सकता है।
इस बीच अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी उतार-चढ़ाव बना रहा। ब्रेंट क्रूड ऑयल 107 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर कारोबार करता रहा, जबकि हाजिर सोना हल्की गिरावट के साथ 4,700 डॉलर प्रति औंस के आसपास रहा।

