योग दिवस पर पहली राष्ट्रीय योग नीति की सौगात, उत्तराखंड में बनेंगे दो योग नगर

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भराड़ीसैंण (गैरसैंण)। 11वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर उत्तराखंड और देश को पहली बार राष्ट्रीय योग नीति की सौगात मिली। ग्रीष्मकालीन राजधानी भराड़ीसैंण में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने योग नीति का औपचारिक शुभारंभ किया। इस मौके पर सीएम ने प्रदेश में दो नए योग नगर बसाने और गढ़वाल व कुमाऊं मंडल में एक-एक आध्यात्मिक आर्थिक क्षेत्र (स्पिरिचुअल इकोनॉमिक जोन) स्थापित करने की घोषणा की।

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मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य वर्ष 2030 तक पांच नए योग हब की स्थापना करना है। इसके साथ ही मार्च 2026 तक प्रदेश के सभी आयुष हेल्थ एवं वेलनेस सेंटरों में योग सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। उन्होंने कहा कि पर्वतीय राज्य की इस संजीवनी का लाभ देश ही नहीं, पूरे विश्व को मिलेगा।

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मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रस्तावित योग नगर आयुर्वेद और अध्यात्म के अंतरराष्ट्रीय केंद्र बनेंगे, जहां विश्वभर से वेलनेस सेक्टर के विशेषज्ञ, आध्यात्मिक गुरु और संस्थान आमंत्रित किए जाएंगे।

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कार्यक्रम में आठ मित्र राष्ट्रों के राजदूत, उच्चायुक्त और प्रतिनिधियों की मौजूदगी ने आयोजन को वैश्विक मंच पर विशेष पहचान दिलाई। मुख्यमंत्री ने गैरसैंण को नीति निर्माण, योग और अध्यात्म का केंद्र बनाने के राज्य सरकार के संकल्प को भी दोहराया।

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