‘भगत दा’ को पद्म भूषण सम्मान, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने किया अलंकृत

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नई दिल्ली/देहरादून। उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल Bhagat Singh Koshyari को सोमवार को देश के प्रतिष्ठित नागरिक सम्मान ‘पद्म भूषण’ से सम्मानित किया गया। राष्ट्रपति Droupadi Murmu ने राष्ट्रपति भवन के गणतंत्र मंडप में आयोजित नागरिक अलंकरण समारोह में उन्हें लोक कार्य के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए यह सम्मान प्रदान किया।

समारोह में उपराष्ट्रपति C. P. Radhakrishnan, प्रधानमंत्री Narendra Modi, केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah सहित केंद्र सरकार के कई मंत्री और देश की विभिन्न क्षेत्रों की प्रतिष्ठित हस्तियां मौजूद रहीं।

पहले नागरिक अलंकरण समारोह में राष्ट्रपति ने कुल 66 पद्म पुरस्कार प्रदान किए। इनमें 2 पद्म विभूषण, 6 पद्म भूषण और 58 पद्म श्री सम्मान शामिल रहे। वर्ष 2026 के लिए कुल 131 पद्म पुरस्कारों की घोषणा की गई है, जिनमें 5 पद्म विभूषण, 13 पद्म भूषण और 113 पद्म श्री पुरस्कार शामिल हैं। शेष पुरस्कार विजेताओं को आगामी समारोहों में सम्मानित किया जाएगा।

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उत्तराखंड में ‘भगत दा’ के नाम से लोकप्रिय भगत सिंह कोश्यारी लंबे समय से सामाजिक, राजनीतिक और शैक्षणिक क्षेत्र में सक्रिय रहे हैं। उनकी पहचान एक सरल, अनुशासित और राष्ट्रवादी विचारधारा वाले जननेता के रूप में रही है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े रहे कोश्यारी ने अपना जीवन समाज सेवा और गरीब तथा पिछड़े वर्गों के उत्थान के लिए समर्पित किया।

17 जून 1942 को Bageshwar जिले के दूरस्थ गांव पलानधुरा में जन्मे भगत सिंह कोश्यारी ने सीमित संसाधनों के बावजूद उच्च शिक्षा प्राप्त की। उन्होंने अल्मोड़ा कॉलेज से अंग्रेजी साहित्य में स्नातकोत्तर की पढ़ाई पूरी की। अपने करियर की शुरुआत उन्होंने उत्तर प्रदेश के एटा जिले में व्याख्याता के रूप में की, लेकिन बाद में शिक्षा और समाज सेवा को अपना प्रमुख कार्यक्षेत्र बना लिया।

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उत्तराखंड राज्य गठन के बाद वह राज्य की पहली सरकार में कैबिनेट मंत्री बने और बाद में उत्तरांचल (अब उत्तराखंड) के मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी भी संभाली। उन्होंने विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष के रूप में भी कार्य किया। वर्ष 2008 में वह राज्यसभा पहुंचे और 2014 में Nainital-ऊधम सिंह नगर संसदीय सीट से लोकसभा सांसद निर्वाचित हुए।

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5 सितंबर 2019 को उन्हें Maharashtra का राज्यपाल नियुक्त किया गया। इसके अतिरिक्त उन्होंने गोवा के राज्यपाल का अतिरिक्त प्रभार भी संभाला।

राजनीति और समाज सेवा के साथ-साथ भगत सिंह कोश्यारी साहित्य के क्षेत्र में भी सक्रिय रहे हैं। उन्होंने “उत्तरांचल प्रदेश क्यों” और “उत्तरांचल प्रदेश: संघर्ष एवं समाधान” जैसी पुस्तकें लिखीं, जिनमें उत्तराखंड के विकास और राज्य निर्माण को लेकर उनकी सोच स्पष्ट रूप से दिखाई देती है।

पद्म भूषण सम्मान मिलने पर उत्तराखंड में खुशी की लहर है। विभिन्न सामाजिक, राजनीतिक और शैक्षणिक संगठनों ने भगत सिंह कोश्यारी को बधाई देते हुए इसे पूरे प्रदेश के लिए गौरव का क्षण बताया है।

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