महोबा। अजनर थाना क्षेत्र के आनंदपुरा बड़ेरा गांव में घरेलू कलह ने ऐसा खूनी मोड़ ले लिया, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। शराब के नशे में अपनी 80 वर्षीय मां की पिटाई कर रहे एक युवक की उसके ही 85 वर्षीय पिता के हाथों मौत हो गई। घटना के बाद गांव में सनसनी फैल गई, जबकि पुलिस ने आरोपी बुजुर्ग पिता को हिरासत में लेकर जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार, मृतक भगवत (36) लंबे समय से शराब का आदी था। ग्रामीणों और परिजनों के मुताबिक वह अक्सर नशे की हालत में घर पहुंचकर विवाद करता था और अपने वृद्ध माता-पिता के साथ मारपीट भी करता था। उसकी शराब की लत के कारण पारिवारिक जीवन भी बिखर गया था। करीब 10 वर्ष पहले उसकी शादी हुई थी, लेकिन आए दिन होने वाले विवाद और मारपीट से परेशान होकर उसकी पत्नी मायके चली गई और फिर वापस नहीं लौटी।
बताया जा रहा है कि बृहस्पतिवार शाम करीब चार बजे भगवत शराब के नशे में घर पहुंचा। जब उसकी मां रम्भी ने उसे शराब पीने से मना किया तो वह गुस्से में आगबबूला हो गया और अपनी ही मां के साथ मारपीट शुरू कर दी। वृद्ध महिला की चीख-पुकार सुनकर पास में मौजूद उसके पिता नन्हेभाई बीच-बचाव के लिए पहुंचे और बेटे को रोकने का प्रयास किया।
परिजनों के अनुसार, नशे में धुत भगवत ने पिता की बात भी नहीं मानी और मां पर हमला जारी रखा। यह देखकर 85 वर्षीय नन्हेभाई का धैर्य जवाब दे गया। उन्होंने पास में रखा डंडा उठाकर बेटे के सिर पर वार कर दिया। वार लगते ही भगवत जमीन पर गिर पड़ा, लेकिन गुस्से में पिता ने पास में पड़ा भारी पत्थर उठाकर उसके सिर पर भी हमला कर दिया।
घटना के बाद आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और गंभीर रूप से घायल भगवत को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जैतपुर ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। प्रभारी थानाध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि प्राथमिक जांच में सामने आया है कि मृतक शराब के नशे में अक्सर घर में विवाद करता था और माता-पिता के साथ मारपीट करता था। घटना के संबंध में आरोपी पिता को हिरासत में लिया गया है।
पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। अधिकारियों का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और जांच के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
यह घटना न केवल घरेलू हिंसा और नशे की लत के गंभीर परिणामों को उजागर करती है, बल्कि यह भी दिखाती है कि लगातार तनाव और अत्याचार की परिस्थितियां किस तरह एक परिवार को विनाशकारी मोड़ तक पहुंचा सकती हैं।

