Uttarakhand: शहरों की तस्वीर बदलने की तैयारी, मास्टर प्लान से अवैध निर्माण तक धामी सरकार का फोकस

खबर शेयर करें

देहरादून। उत्तराखंड के शहरों के सुनियोजित विकास को लेकर धामी सरकार ने अपनी निगरानी और तेज कर दी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों के क्रम में सचिव आवास एवं राज्य संपत्ति डॉ. आर. राजेश कुमार ने प्रदेश के विभिन्न विकास प्राधिकरणों के उपाध्यक्षों, सचिवों और अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में मास्टर प्लान से लेकर प्रधानमंत्री आवास योजना, नजूल नीति, OTS, अवैध निर्माण और RERA तक कई अहम मुद्दों पर मंथन हुआ।

समीक्षा बैठक में सचिव ने अधिकारियों से विभिन्न योजनाओं और विकास कार्यों की मौजूदा स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने स्पष्ट किया कि योजनाओं का लाभ सिर्फ सरकारी फाइलों में नहीं, बल्कि धरातल पर आम जनता तक दिखाई देना चाहिए। इसके लिए योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग, गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

यह भी पढ़ें 👉  उत्तराखंड: कुर्सियों पर राजनीति! सीएम धामी के दौरे से पहले भाजपा में शक्ति-प्रदर्शन की जंग, मंच पर भिड़े दिग्गज नेता

बैठक में शहरों के मास्टर प्लान को विशेष महत्व दिया गया। सचिव ने विभिन्न जनपदों और नगरों में मास्टर प्लान की प्रगति की जानकारी लेते हुए कहा कि बढ़ती आबादी और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर शहरों का नियोजित विकास किया जाना जरूरी है। उन्होंने मास्टर प्लान से जुड़े कार्यों को निर्धारित समयसीमा में आगे बढ़ाने के निर्देश दिए।

प्रधानमंत्री आवास योजना की समीक्षा के दौरान पात्र लाभार्थियों तक आवासीय सुविधाओं का लाभ पहुंचाने पर जोर दिया गया। सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजना के क्रियान्वयन में पारदर्शिता बनी रहे और पात्र लोगों को किसी तरह की अनावश्यक परेशानी न हो। योजनाओं की प्रगति की लगातार निगरानी करने के लिए भी कहा गया।

यह भी पढ़ें 👉  उत्तराखंड: किच्छा में हथियारबंद बदमाशों ने पेट्रोल पंप सेल्समैन को लूटा, लुटेरे CCTV में कैद...Video

आम जनता की शिकायतों को लेकर भी सचिव ने अधिकारियों को गंभीरता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नागरिकों और आवंटियों से जुड़े मामलों को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए। प्रत्येक प्रकरण का नियमानुसार परीक्षण कर समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए, ताकि लोगों को बार-बार सरकारी दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें।

नजूल नीति और एकल समाधान योजना (OTS) के मामलों की भी बैठक में समीक्षा हुई। अधिकारियों से इन योजनाओं के तहत हुई प्रगति और लंबित प्रकरणों की जानकारी ली गई। सचिव ने नियमानुसार तेजी से कार्रवाई करने और प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने पर जोर दिया।

शहरों में बढ़ते अवैध और अनियोजित निर्माण को लेकर सचिव ने सख्त रुख अपनाया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्माण संबंधी नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार प्रभावी कार्रवाई की जाए। साथ ही प्राधिकरणों को अपने क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखने को कहा गया, ताकि अवैध निर्माण पर समय रहते अंकुश लगाया जा सके।

यह भी पढ़ें 👉  हिमाचल में बारिश का कहर: कुल्लू की पार्वती घाटी में डैम टूटा, कई वाहन बहे...देखें खौफनाक वीडियो

रियल एस्टेट क्षेत्र में पारदर्शिता और परियोजनाओं की निगरानी को लेकर RERA से जुड़े कार्यों की भी समीक्षा की गई। संबंधित मामलों के समयबद्ध निस्तारण और नियमों के प्रभावी अनुपालन पर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

सचिव आवास डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के विजन के अनुरूप आवास विभाग से जुड़ी योजनाओं और विकास कार्यों को गति देना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी कार्य गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता के साथ पूरे किए जाएं, ताकि प्रदेश के शहरों का विकास व्यवस्थित तरीके से हो और आम जनता को बेहतर सुविधाओं का लाभ मिल सके।

ADVERTISEMENTS

You cannot copy content of this page