नैनीताल। बेटियों को एचपीवी संक्रमण और इससे होने वाली गंभीर बीमारियों से बचाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने जागरूकता अभियान तेज कर दिया है। इसी क्रम में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रश्मि पंत ने राजकीय कन्या इंटर कॉलेज, धौलाखेड़ा, मोटाहल्दू पहुंचकर छात्राओं और शिक्षकों को एचपीवी टीकाकरण के महत्व की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि वैक्सीन को लेकर किसी भी तरह की भ्रांतियों पर ध्यान देने के बजाय वैज्ञानिक तथ्यों और चिकित्सकीय सलाह को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
सीएमओ ने विद्यालय के प्रधानाचार्य और शिक्षकों के साथ जागरूकता कार्यक्रम में एचपीवी संक्रमण, टीकाकरण की उपयोगिता और इससे होने वाले लाभों की जानकारी साझा की। उन्होंने शिक्षकों से अपील की कि वे बच्चों और उनके अभिभावकों तक एचपीवी टीकाकरण से जुड़ी सही एवं वैज्ञानिक जानकारी पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं।
छात्राओं से संवाद करते हुए डॉ. रश्मि पंत ने कहा कि समय पर कराया गया एचपीवी टीकाकरण भविष्य में एचपीवी संक्रमण से होने वाली गंभीर बीमारियों, विशेष रूप से सर्वाइकल कैंसर, से बचाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने पात्र बालिकाओं को टीकाकरण के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि स्वास्थ्य संबंधी किसी भी निर्णय में अपुष्ट जानकारी के बजाय चिकित्सकीय सलाह को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
टीका लगवाने पहुंचे बच्चों और अभिभावकों से भी मिलीं सीएमओ
इसी क्रम में मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र फुटकुआं पहुंचकर अपने अभिभावकों के साथ एचपीवी टीकाकरण कराने आए दिल्ली पब्लिक स्कूल, हल्द्वानी और विजडम स्कूल, हल्द्वानी के बच्चों से मुलाकात की। उन्होंने बच्चों का उत्साहवर्धन करते हुए टीकाकरण के महत्व की जानकारी दी।
सीएमओ ने बच्चों के अभिभावकों की जागरूकता की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षित भविष्य को लेकर अभिभावकों की सजगता बेहद महत्वपूर्ण है।
इसके बाद डॉ. रश्मि पंत ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मोटाहल्दू और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लालकुआं का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने दोनों स्वास्थ्य केंद्रों में उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं, व्यवस्थाओं और विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा की। संबंधित प्रभारी चिकित्सा अधिकारियों और कर्मचारियों को स्वास्थ्य सेवाओं की व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाए रखने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान एचपीवी टीकाकरण, गर्भावस्था देखभाल, टीबी मुक्त भारत अभियान, जलजनित रोगों की रोकथाम, डेंगू और मलेरिया सहित विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की समीक्षा की गई। सीएमओ ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत संचालित सभी पोर्टलों पर लाभार्थियों और कार्यक्रमों से संबंधित आंकड़े समयबद्ध तरीके से अपडेट करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि ऑनलाइन पोर्टल पर सही और समय पर दर्ज डेटा से योजनाओं की वास्तविक प्रगति की निगरानी करने में मदद मिलती है और पात्र लाभार्थियों को स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ समय पर दिलाया जा सकता है।
डॉ. रश्मि पंत ने अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिए कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों का प्रभावी क्रियान्वयन केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित न रहे, बल्कि उसका लाभ जमीनी स्तर पर आमजन तक पहुंचना चाहिए। उन्होंने नियमित निगरानी, समयबद्ध डेटा अपडेट और बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।
सीएमओ ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की प्राथमिकता आमजन को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के साथ-साथ लोगों को बीमारियों की रोकथाम और टीकाकरण के प्रति जागरूक करना है। एचपीवी टीकाकरण को लेकर भी विभाग की ओर से जागरूकता गतिविधियों को आगे बढ़ाया जाएगा, ताकि पात्र बालिकाओं तक सही जानकारी पहुंच सके और वे इसका लाभ उठा सकें।
