वाराणसी। घर में बेटी की शादी की तैयारियां चल रही थीं। कुछ महीनों बाद हाथों में मेहंदी सजनी थी और 22 नवंबर को रिंग सेरेमनी होनी थी। लेकिन परिवार के इन सपनों पर ऐसी काली छाया पड़ी कि घर की इकलौती बेटी की जिंदगी ही खत्म हो गई। जगतपुर पीजी कॉलेज की एमएससी छात्रा श्रेया उपाध्याय उर्फ मोनू (22) का शव बच्छांव स्थित एक किराये के मकान के बाथरूम में खून से लथपथ मिला। पुलिस की प्रारंभिक जांच में इसे हत्या बताया गया है।
पुलिस के मुताबिक, छात्रा की हत्या उसके परिचित विवेक चौबे ने अपने दो दोस्तों के साथ मिलकर की। आरोप है कि विवेक ने श्रेया को कॉलेज जाते समय मिलने के बहाने बुलाया और उसे बच्छांव स्थित अपने किराये के कमरे पर ले गया। वहां उसके दोनों साथी पहले से मौजूद थे। पुलिस के अनुसार, दोनों दोस्तों ने श्रेया को पकड़ लिया और विवेक ने धारदार हथियार से उसका गला रेत दिया। घटना के बाद तीनों वहां से फरार हो गए। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और अन्य सुरागों के आधार पर रविवार देर रात तीन लोगों को हिरासत में लिया है।
मोबाइल की लोकेशन ने दिया पहला सुराग
श्रेया के घर नहीं लौटने पर परिवार की चिंता बढ़ गई। परिजन राजातालाब थाने पहुंचे और छात्रा के लापता होने की सूचना दी। पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर उसके मोबाइल की लोकेशन खंगालनी शुरू की। मोबाइल की लोकेशन बच्छांव पश्चिमपुरा स्थित एक मकान में मिली। परिवार को उम्मीद जगी कि शायद श्रेया इसी मकान में हो।
परिजनों के मुताबिक, रात करीब 11 बजे वे पुलिस के साथ उस मकान तक पहुंचे। मोबाइल उस समय भी चालू था और लोकेशन लगातार वहीं की आ रही थी। परिवार का आरोप है कि पुलिस ने मौके पर कुछ देर जांच-पड़ताल की, लेकिन कमरे का दरवाजा नहीं खुलवाया और वहां से लौट गई। यहीं से मामले ने नया मोड़ लिया।
मकान मालिक ने बताया- दो महीने से रह रहा था विवेक
अगली सुबह परिजन फिर बच्छांव पहुंचे और आसपास के लोगों से पूछताछ शुरू की। मकान मालिक विवेक द्विवेदी से जानकारी मिली कि विवेक चौबे नाम का युवक करीब दो महीने से कमरा किराये पर लेकर रह रहा था। मकान मालिक ने उसका आधार कार्ड भी परिजनों को भेजा। इसके बाद परिवार को विवेक पर शक हुआ। लेकिन सबसे बड़ा सुराग अभी बाकी था।
मामा के घर छोड़ा बैग, अंदर थी कमरे की चाबी
परिजनों को पता चला कि विवेक घटना के बाद अपने ननिहाल भुवालपुर, सीखड़, मिर्जापुर पहुंचा था। परिवार वहां पहुंचा तो पता चला कि वह 18 अगस्त की शाम आया था, लेकिन अपनी बाइक और बैग वहीं छोड़कर चला गया। बैग की तलाशी ली गई तो उसमें बच्छांव वाले कमरे की चाबी मिली।
परिजन चाबी लेकर वापस बच्छांव पहुंचे। गुरुवार सुबह करीब 10:30 बजे आसपास के दो-तीन लोगों को साथ लेकर कमरे का दरवाजा खोला गया। दरवाजा खुलते ही सामने का दृश्य देखकर सभी के पैरों तले जमीन खिसक गई। कमरे के बाथरूम में श्रेया का शव खून से लथपथ पड़ा था।
गले पर धारदार हथियार के निशान, सिर पर भी चोट
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। डीसीपी गोमती जोन नीतू कादयान समेत पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। फोरेंसिक टीम को बुलाकर मौके से साक्ष्य जुटाए गए। श्रेया के गले पर धारदार हथियार से वार के निशान मिले थे। सिर पर भी चोट के निशान थे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी इन चोटों की पुष्टि हुई। पुलिस ने हत्या की आशंका को देखते हुए आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए चार टीमें गठित कीं।
सीसीटीवी ने जोड़ी हत्या की कड़ियां
जांच के दौरान पुलिस और क्राइम ब्रांच ने इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। श्रेया की गतिविधियों से लेकर संदिग्धों की आवाजाही तक की जानकारी जुटाई गई। प्रारंभिक जांच में विवेक चौबे और उसके दो दोस्तों की भूमिका सामने आने के बाद पुलिस ने तीनों को रविवार देर रात हिरासत में ले लिया। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि हत्या की साजिश कब रची गई, वारदात के पीछे वास्तविक वजह क्या थी और इसमें तीनों की भूमिका क्या रही।
22 नवंबर को होनी थी रिंग सेरेमनी, 26 फरवरी को शादी
श्रेया के परिजनों के लिए यह घटना किसी सदमे से कम नहीं है। वह घर की इकलौती बेटी थी। परिवार के मुताबिक उसकी शादी तय हो चुकी थी। 22 नवंबर को रिंग सेरेमनी और 26 फरवरी को शादी होनी थी। घर में शादी की तैयारियां शुरू हो चुकी थीं। परिवार बेटी के नए जीवन के सपने देख रहा था, लेकिन उससे पहले ही उसकी जिंदगी खत्म कर दी गई। अब पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर वह कौन-सी वजह थी, जिसके चलते श्रेया को सुनियोजित तरीके से कमरे पर बुलाया गया और उसकी हत्या कर दी गई।
फिलहाल तीन संदिग्ध पुलिस हिरासत में हैं और उनसे पूछताछ जारी है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन, फोरेंसिक साक्ष्यों और पोस्टमार्टम रिपोर्ट को जोड़कर हत्या की पूरी कहानी सामने लाने में जुटी है।
