उत्तराखंड ने खोया अपना सितारा: दिग्गज निशानेबाज और कोच जसपाल राणा का निधन

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देहरादून/नई दिल्ली। भारतीय निशानेबाजी जगत के लिए शुक्रवार का दिन बेहद दुखद रहा। एशियाई खेलों के स्वर्ण पदक विजेता, विश्व रिकॉर्डधारी निशानेबाज और भारतीय पिस्टल टीम के हाई-परफॉर्मेंस कोच Jaspal Rana का 49 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उनके निधन की पुष्टि National Rifle Association of India ने की है।

जानकारी के अनुसार, हाल ही में जर्मनी के म्यूनिख में आयोजित आईएसएसएफ वर्ल्ड कप से लौटने के दौरान उन्हें सीने में दर्द और बेचैनी की शिकायत हुई थी। इसके बाद दिल्ली के एक अस्पताल में उनकी स्टेंट सर्जरी की गई थी। इलाज के बाद उनकी हालत में सुधार बताया जा रहा था, लेकिन गुरुवार रात अचानक तबीयत बिगड़ने पर उन्होंने अंतिम सांस ली।

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टिहरी जिले के चिलामू गांव से ताल्लुक रखने वाले जसपाल राणा भारतीय निशानेबाजी के सबसे सफल खिलाड़ियों में गिने जाते थे। महज 18 वर्ष की उम्र में विश्व रिकॉर्ड बनाकर उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का नाम रोशन किया था। राष्ट्रमंडल खेलों और एशियाई खेलों में उनके नाम कई स्वर्ण पदक दर्ज हैं। 2006 के दोहा एशियाई खेलों में जीते गए तीन स्वर्ण पदक और विश्व रिकॉर्ड आज भी भारतीय खेल इतिहास की गौरवशाली उपलब्धियों में शामिल हैं।

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खिलाड़ी के रूप में शानदार करियर के बाद उन्होंने कोचिंग की जिम्मेदारी संभाली और भारतीय निशानेबाजी को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। ओलंपिक पदक विजेता Manu Bhaker सहित कई युवा निशानेबाजों को उन्होंने प्रशिक्षित किया।)

खेल के अलावा उन्होंने राजनीति में भी सक्रिय भूमिका निभाई। वर्ष 2009 में उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर टिहरी गढ़वाल लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा था। बाद में 2012 के विधानसभा चुनाव के दौरान वह कांग्रेस के स्टार प्रचारक के रूप में भी सक्रिय रहे।

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जसपाल राणा के निधन की खबर से खेल जगत, राजनीतिक क्षेत्र और उत्तराखंड में शोक की लहर है। उनके योगदान और उपलब्धियां आने वाली पीढ़ियों के लिए हमेशा प्रेरणा का स्रोत बनी रहेंगी।

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