हरिद्वार। कर चोरी और जीएसटी अपवंचन पर शिकंजा कसते हुए राज्य कर विभाग की विशेष अनुसंधान शाखा ने बड़ी कार्रवाई की है। विशेष अभियान के तहत दो फर्मों की जांच और सर्वेक्षण के दौरान विभाग ने मौके पर ही 2 करोड़ 35 लाख रुपये कर और जुर्माने के रूप में वसूल किए। साथ ही दोनों फर्मों के अभिलेख जब्त कर विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है।
जानकारी के अनुसार आयुक्त राज्य कर सोनिका के निर्देश पर यह कार्रवाई अमल में लाई गई। विभाग को लगातार ऐसी शिकायतें मिल रही थीं कि कई फर्में अवैध इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) का लाभ उठाकर अपने जीएसटी रिटर्न में नकद भुगतान बेहद कम या शून्य दिखा रही हैं। शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए आयुक्त ने अपर आयुक्त डीएस नबियाल को विशेष जांच दल गठित करने के निर्देश दिए थे।
निर्देशों के अनुपालन में गठित टीमों ने संदिग्ध फर्मों के परिसरों पर सर्वेक्षण और जांच अभियान चलाया। इस दौरान फर्मों के स्टॉक का भौतिक सत्यापन किया गया। जांच में मौके पर मौजूद स्टॉक और फर्मों द्वारा लिए गए इनपुट टैक्स क्रेडिट के आंकड़ों के बीच बड़ी विसंगतियां सामने आईं।
जांच अधिकारियों ने जीएसटी से संबंधित कई महत्वपूर्ण दस्तावेज भी अपने कब्जे में ले लिए हैं। विभागीय अधिकारियों के अनुसार प्राथमिक जांच में कर अपवंचन और रिकॉर्ड में भारी गड़बड़ी के संकेत मिले हैं।
कार्रवाई के दौरान ही संबंधित फर्मों ने 2 करोड़ 35 लाख रुपये जमा करा दिए। हालांकि विभाग का कहना है कि जांच अभी जारी है और दस्तावेजों की विस्तृत पड़ताल के बाद अंतिम कर देयता और जुर्माना निर्धारित किया जाएगा। इसके बाद नियमानुसार आगे की वसूली और कार्रवाई की जाएगी।

