THDC Tunnel Landslide: टनल के अंदर पहुंचे सीएम धामी, रेस्क्यू ऑपरेशन का लिया जायजा

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चमोली। विष्णुगाड-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना की निर्माणाधीन टीआरटी टनल में मलबा और पानी भरने की घटना के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी शुक्रवार को मायापुर (पीपलकोटी) पहुंचे। मुख्यमंत्री ने घटनास्थल का स्थलीय निरीक्षण करने के साथ ही टनल के अंदर जाकर राहत एवं बचाव कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों और रेस्क्यू टीमों से अभियान की प्रगति की जानकारी ली तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

टीएचडीसी की विष्णुगाड-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना की टीआरटी टनल की लंबाई करीब तीन किलोमीटर बताई गई है। टनल के लगभग 1.50 किलोमीटर हिस्से में भूधंसाव के कारण मलबा और पानी आने से यह स्थिति उत्पन्न हुई। हादसे के बाद से ही एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, आईटीबीपी, पुलिस समेत विभिन्न एजेंसियां रेस्क्यू अभियान में जुटी हुई हैं।

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तीन श्रमिकों को निकालना अब भी चुनौती

मुख्यमंत्री धामी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि रेस्क्यू अभियान को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए उपलब्ध संसाधनों और तकनीकी विशेषज्ञता का प्रभावी इस्तेमाल किया जाए। उन्होंने सभी बचाव एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने और टनल में फंसे शेष तीन लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए हरसंभव प्रयास करने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी गौरव कुमार ने मुख्यमंत्री को हादसे की पूरी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि टनल में फंसे 22 लोगों में से 19 लोगों को अब तक बाहर निकाला जा चुका है, जबकि तीन लोगों की तलाश और उन्हें सुरक्षित निकालने का अभियान लगातार जारी है।

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हादसे में सात लोगों की मौत

जिलाधिकारी ने बताया कि हादसे में अभी तक सात लोगों की दुखद मृत्यु की सूचना है। वहीं रेस्क्यू किए गए घायल श्रमिकों को उपचार के लिए जिला चिकित्सालय गोपेश्वर लाया गया है। स्वास्थ्य विभाग और चिकित्सकों की टीम घायलों का उपचार करने के साथ उनकी लगातार निगरानी कर रही है।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि रेस्क्यू अभियान के साथ घायलों के उपचार और प्रभावित परिवारों की सहायता में किसी तरह की कमी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने घटनास्थल पर आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने और बचाव दलों के साथ लगातार समन्वय बनाए रखने को कहा।

सावधानी और पूरी गंभीरता से अभियान चलाने के निर्देश

मुख्यमंत्री ने कहा कि टनल के भीतर परिस्थितियां चुनौतीपूर्ण हैं, इसलिए बचाव अभियान में सुरक्षा और सावधानी को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सभी टीमें आपसी समन्वय के साथ अभियान को पूरी गंभीरता से संचालित करें और फंसे लोगों तक पहुंचने के लिए हर संभव तकनीकी विकल्प का इस्तेमाल करें।

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इस दौरान काबीना मंत्री एवं प्रभारी मंत्री भरत चौधरी, थराली विधायक भूपाल राम टम्टा, जिला पंचायत अध्यक्ष दौलत सिंह बिष्ट, राज्य मंत्री हरक सिंह, पूर्व काबीना मंत्री राजेंद्र भंडारी, नगर पंचायत अध्यक्ष आरती नवानी, सभासद राजा जोशी, आपदा सचिव विनोद कुमार सुमन, गढ़वाल आयुक्त आनंद स्वरूप, आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप, जिलाधिकारी गौरव कुमार, पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार, उपजिलाधिकारी राजकुमार पांडेय, चंद्रशेखर वशिष्ठ समेत अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी और कार्मिक मौजूद रहे।

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