वॉशिंगटन। मिडिल ईस्ट में पिछले कई महीनों से जारी तनाव और युद्ध जैसे हालात के बीच पूरी दुनिया के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने दावा किया है कि ईरान और अमेरिका के बीच जारी विवाद को सुलझाने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है और दोनों देशों के बीच युद्धविराम यानी सीजफायर को अगले 60 दिनों तक बढ़ाया जा सकता है।
ट्रंप ने कहा कि इस अवधि के दौरान दुनिया के सबसे संवेदनशील और रणनीतिक जलमार्गों में शामिल होर्मुज स्ट्रेट को बिना किसी टैक्स या अतिरिक्त शुल्क के पूरी तरह खुला रखा जाएगा। इससे वैश्विक तेल आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय व्यापार को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। माना जा रहा है कि इस फैसले से अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कच्चे तेल की कीमतों पर भी सकारात्मक असर पड़ सकता है।
शांति समझौते के अंतिम चरण में बातचीत
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ प्रस्तावित शांति समझौता अब लगभग अंतिम चरण में पहुंच चुका है। अधिकांश बड़े मुद्दों पर सहमति बन चुकी है और फिलहाल केवल अंतिम बिंदुओं और तकनीकी पहलुओं पर बातचीत जारी है। ट्रंप के मुताबिक बहुत जल्द इस समझौते की औपचारिक घोषणा की जा सकती है।
उन्होंने कहा कि इस समझौते का उद्देश्य केवल युद्ध रोकना नहीं, बल्कि मिडिल ईस्ट में स्थायी शांति और स्थिरता स्थापित करना है। ट्रंप ने भरोसा जताया कि यह पहल क्षेत्र में लंबे समय से जारी अस्थिरता को खत्म करने की दिशा में निर्णायक साबित होगी।
पाकिस्तान ने निभाई मध्यस्थ की भूमिका
इस बीच Shehbaz Sharif ने अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप को फोन कर इस पहल के लिए बधाई दी। पाकिस्तान सरकार के अनुसार दोनों नेताओं के बीच हुई बातचीत बेहद सकारात्मक रही।
शहबाज शरीफ ने बताया कि इस समझौते को आगे बढ़ाने के लिए ट्रंप ने Saudi Arabia, Qatar, Turkey, Egypt, United Arab Emirates, Jordan और Pakistan समेत कई देशों के शीर्ष नेताओं से बातचीत की थी।
आसिम मुनीर ने भी की ट्रंप की सराहना
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने यह भी बताया कि पाकिस्तानी सेना प्रमुख Asim Munir ने भी ट्रंप से बातचीत कर मिडिल ईस्ट में शांति बहाली के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में स्थायी शांति स्थापित करने के लिए पाकिस्तान आगे भी सक्रिय भूमिका निभाता रहेगा।
वैश्विक बाजार और तेल व्यापार पर रहेगा असर
विशेषज्ञों का मानना है कि होर्मुज स्ट्रेट के खुले रहने से अंतरराष्ट्रीय व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति को बड़ा फायदा मिलेगा। दुनिया के बड़े हिस्से का तेल इसी समुद्री मार्ग से गुजरता है। ऐसे में किसी भी प्रकार के सैन्य तनाव या अवरोध से वैश्विक अर्थव्यवस्था प्रभावित होती है।
अब यदि प्रस्तावित सीजफायर और शांति समझौता सफल होता है तो इससे न केवल मिडिल ईस्ट में तनाव कम होगा, बल्कि दुनिया भर के बाजारों को भी स्थिरता मिलने की संभावना है।

