देहरादून। कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या से जुड़े मामले में विशेष जांच दल (एसआईटी) गुरुवार को संबंधित ऑडियो को न्यायालय के माध्यम से फॉरेंसिक जांच के लिए प्रयोगशाला भेज सकता है। इसके लिए जरूरी दस्तावेजी कार्रवाई पूरी कर ली गई है। वहीं, पुलिस आरोपी गिरधारी लाल साहू की गिरफ्तारी के लिए साक्ष्य जुटाने में लगी है। उसके नेपाल भागने की आशंका भी जताई जा रही है।
गौरतलब है कि पिछले सप्ताह मंत्री रेखा आर्या ने अपने पति गिरधारी लाल साहू के खिलाफ कैंट थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। शिकायत में उन्होंने शादी के बाद से प्रताड़ित किए जाने और धोखाधड़ी समेत कई गंभीर आरोप लगाए हैं। आरोप है कि कंपनी के दस्तावेजों में कथित तौर पर जालसाजी कर उन्हें निदेशक पद से हटा दिया गया। विरोध करने पर जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल कर प्रताड़ित करने और मारपीट की कोशिश किए जाने के आरोप भी लगाए गए हैं।
मामले की जांच के लिए एसपी देहात जया बलोनी के नेतृत्व में 10 सदस्यीय एसआईटी गठित की गई थी। एसआईटी ने तीन दिन पहले मंत्री रेखा आर्या के बयान दर्ज किए। बताया जा रहा है कि पूछताछ के दौरान मंत्री ने जांच टीम को कुछ अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां भी दीं। साथ ही कथित जाली दस्तावेजों की बरामदगी से जुड़े संभावित स्थानों के बारे में भी जानकारी दी गई है।
साक्ष्य जुटाने में जुटी एसआईटी
मंत्री के बयानों और उपलब्ध जानकारियों के आधार पर एसआईटी मामले से जुड़े साक्ष्य जुटा रही है। ऑडियो को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजे जाने से उसकी प्रामाणिकता और जांच में उसकी उपयोगिता स्पष्ट करने में मदद मिल सकती है।
दूसरी ओर, पुलिस को अब तक गिरधारी लाल साहू का पता नहीं चल पाया है। उसके उत्तर प्रदेश के रास्ते नेपाल जाने की आशंका भी सामने आई है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। फिलहाल पुलिस उसकी तलाश और मामले से जुड़े साक्ष्यों के संकलन में जुटी है।

