अल्मोड़ा। मां अंबे इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग एंड पैरामेडिकल साइंसेज के उत्कर्ष-2026 का तीसरा दिन खेल प्रतिभाओं के नाम रहा। सिमकनी ग्राउंड में आयोजित एथलेटिक्स प्रतियोगिताओं में छात्र-छात्राओं ने पूरे जोश, जुनून और खेल भावना के साथ प्रतिभाग किया। भाला फेंक, चक्का फेंक और गोला फेंक जैसी स्पर्धाओं में खिलाड़ियों ने अपनी ताकत, तकनीक और आत्मविश्वास का शानदार प्रदर्शन किया।

सुबह से ही सिमकनी ग्राउंड खिलाड़ियों और दर्शकों के उत्साह से गुलजार रहा। जैसे-जैसे प्रतियोगिताएं आगे बढ़ीं, मैदान में रोमांच भी बढ़ता गया। अपने साथियों का हौसला बढ़ाने के लिए बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन पर मैदान तालियों की गड़गड़ाहट से गूंजता रहा।
भाला, चक्का और गोला फेंक में दिखी कड़ी टक्कर
उत्कर्ष-2026 के तीसरे दिन जैवलिन थ्रो (भाला फेंक), डिस्कस थ्रो (चक्का फेंक) और शॉटपुट (गोला फेंक) प्रतियोगिताएं आकर्षण का केंद्र रहीं। जैवलिन थ्रो में खिलाड़ियों ने तकनीक और शारीरिक क्षमता का प्रदर्शन किया, जबकि डिस्कस थ्रो में ताकत के साथ तकनीकी कौशल की परीक्षा हुई। वहीं शॉटपुट में प्रतिभागियों के बीच बेहतर प्रदर्शन को लेकर कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिली।
खिलाड़ियों ने निर्धारित नियमों का पालन करते हुए अपनी-अपनी स्पर्धाओं में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन का प्रयास किया। खास बात यह रही कि प्रतिभागियों में परिणाम से अधिक खेल भावना और अपनी क्षमता को साबित करने का जज्बा नजर आया।
खेल से बनता है आत्मविश्वास और नेतृत्व का भाव
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में रघुनाथ सिंह चौहान, पूर्व विधानसभा उपाध्यक्ष, उत्तराखंड एवं पूर्व विधायक, अल्मोड़ा मौजूद रहे। उनके साथ रवि रौतेला, पूर्व जिलाध्यक्ष एवं प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य भाजपा, निशा बिष्ट, अजय वर्मा, व्यापार मंडल अध्यक्ष तथा अनुज भोज सहित अन्य गणमान्य अतिथि भी मौजूद रहे।
अतिथियों ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि खेल केवल शारीरिक मजबूती का माध्यम नहीं हैं, बल्कि इनके जरिए विद्यार्थियों में अनुशासन, आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता, धैर्य और संघर्ष करने की भावना विकसित होती है। उन्होंने विद्यार्थियों से पढ़ाई के साथ खेलकूद में भी बढ़-चढ़कर भाग लेने का आह्वान किया।
चेयरमैन और वाइस चेयरपर्सन ने बढ़ाया खिलाड़ियों का हौसला
इस अवसर पर संस्थान के चेयरमैन ठा. संदीप सिंह और वाइस चेयरपर्सन डॉ. प्रीति पाल भी मौजूद रहे। उन्होंने प्रतियोगिताओं में हिस्सा ले रहे छात्र-छात्राओं का उत्साह बढ़ाया और उनके प्रदर्शन की सराहना की।
संस्थान पदाधिकारियों ने कहा कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए केवल कक्षा-कक्ष की शिक्षा पर्याप्त नहीं है। पढ़ाई के साथ खेल, सांस्कृतिक और रचनात्मक गतिविधियों में भागीदारी भी जरूरी है। ऐसे आयोजनों से विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा पहचानने और उसे मंच पर प्रदर्शित करने का अवसर मिलता है।
उत्कर्ष-2026 दे रहा प्रतिभाओं को मंच
संस्थान प्रबंधन के अनुसार उत्कर्ष-2026 का उद्देश्य विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ-साथ खेल और अन्य गतिविधियों में अपनी प्रतिभा निखारने का अवसर देना है। प्रतियोगिताओं के जरिए विद्यार्थियों में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा, टीम भावना और आत्मविश्वास को बढ़ावा दिया जा रहा है।

