नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली की प्रमुख मंडियों आजादपुर मंडी, गाजीपुर मंडी और ओखला मंडी में ट्रांसपोर्ट हड़ताल का असर अब साफ दिखाई देने लगा है। अखिल भारतीय मोटर परिवहन कांग्रेस के आह्वान पर देशभर के करीब 68 परिवहन संगठनों ने व्यावसायिक वाहनों पर बढ़ाए गए ग्रीन टैक्स यानी पर्यावरण मुआवजा शुल्क के विरोध में 21 मई से 23 मई तक चक्का जाम का एलान किया है। हड़ताल के चलते बाहरी राज्यों और विदेशों से आने वाली सब्जियों और फलों की आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हो रही है।
आजादपुर मंडी के व्यापारी जय किशन ने बताया कि हड़ताल के कारण बड़े मालवाहक वाहन दिल्ली की मंडियों तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। इससे हिमाचल प्रदेश से आने वाली फूलगोभी, बेंगलुरु की विभिन्न सब्जियां, कुंडली क्षेत्र की अरबी और दक्षिण अफ्रीका से आयातित सेब जैसी कई महत्वपूर्ण उपज की आवक में भारी गिरावट आई है। कई ट्रक रास्तों में ही फंसे हुए हैं, जिससे व्यापारियों के साथ-साथ आम उपभोक्ताओं की चिंता भी बढ़ गई है।
मंडी के व्यापारी संजय आनंद ने बताया कि सामान्य दिनों में मंडियों में प्रतिदिन हजारों टन फल और सब्जियां पहुंचती हैं, लेकिन परिवहन व्यवस्था प्रभावित होने के कारण बाजार में माल की उपलब्धता तेजी से घट रही है। इसका सीधा असर कीमतों पर पड़ने लगा है। थोक बाजार में आपूर्ति कम होने से खुदरा बाजार में भी सब्जियों और फलों के दाम बढ़ गए हैं। आम लोगों को रोजमर्रा की जरूरत की चीजें खरीदने के लिए पहले की तुलना में अधिक कीमत चुकानी पड़ रही है।
हालांकि स्थानीय स्तर पर आने वाली सब्जियों की आपूर्ति फिलहाल सामान्य बनी हुई है। टमाटर, लौकी, भिंडी, बैंगन, खीरा, पालक और हरी मिर्च जैसी सब्जियां छोटे वाहनों के माध्यम से मंडियों तक पहुंच रही हैं। व्यापारियों के अनुसार छोटे वाहन वैकल्पिक मार्गों का उपयोग कर रहे हैं, इसलिए दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों से आने वाली उपज पर अभी अधिक असर नहीं पड़ा है।
ओखला मंडी के कारोबारी असुद्दीन ने चेतावनी दी कि यदि हड़ताल लंबी चली तो आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है। लगातार घटती आपूर्ति के कारण कीमतों में और तेजी आने की आशंका है।
दरअसल परिवहन संगठनों की मुख्य नाराजगी अप्रैल से लागू नई ग्रीन टैक्स व्यवस्था को लेकर है। दिल्ली में प्रवेश करने वाले हल्के व्यावसायिक वाहनों और दो एक्सल वाले ट्रकों पर शुल्क 1400 रुपये से बढ़ाकर 2000 रुपये प्रति चक्कर कर दिया गया है। वहीं तीन और चार एक्सल वाले बड़े ट्रकों के लिए यह शुल्क 2600 रुपये से बढ़ाकर 4000 रुपये प्रति चक्कर कर दिया गया है। इसके अलावा हर वर्ष इन दरों में पांच प्रतिशत की बढ़ोतरी का भी प्रावधान रखा गया है।
सब्जियों के बढ़े दाम
| सब्जी | वर्तमान भाव | पिछले माह का भाव |
|---|---|---|
| फूलगोभी | 40 रुपये | 25 रुपये |
| टमाटर | 30 रुपये | 20 रुपये |
| भिंडी | 50 रुपये | 35 रुपये |
| बैंगन | 45 रुपये | 30 रुपये |
| खीरा | 28 रुपये | 20 रुपये |
| हरी मिर्च | 60 रुपये | 40 रुपये |
| पालक | 25 रुपये | 15 रुपये |
| लौकी | 30 रुपये | 18 रुपये |
| अरबी | 55 रुपये | 35 रुपये |

