Uttarakhand: नकल रोकने पर भड़का दरोगा…पॉलीटेक्निक कॉलेज में घुसकर शिक्षकों से मारपीट, दोनों पक्षों की एफआईआर

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देहरादून। राजकीय पॉलीटेक्निक संस्थान पित्थूवाला में परीक्षा के दौरान नकल के विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। आरोप है कि अपने बेटे को नकल करने से रोके जाने से नाराज एक दरोगा ने साथियों के साथ कॉलेज परिसर में घुसकर शिक्षकों और कर्मचारियों के साथ मारपीट की। घटना के बाद संस्थान में तनाव का माहौल है, जबकि पूरा घटनाक्रम सीसीटीवी कैमरों में कैद होने की बात कही जा रही है। पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

जानकारी के अनुसार चार जून को आयोजित परीक्षा के दौरान सिविल इंजीनियरिंग तृतीय वर्ष के छात्र कबीर कंडवाल को कथित रूप से नकल करने से रोका गया था। इसी बात को लेकर विवाद शुरू हुआ। आरोप है कि अगले दिन शुक्रवार सुबह करीब 11:15 बजे कबीर अपने पिता दरोगा महेश कंडवाल और कुछ अन्य लोगों के साथ कॉलेज पहुंचा। सभी लोग सीधे परीक्षा नियंत्रण कक्ष में घुस गए और वहां मौजूद अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ अभद्रता करते हुए मारपीट शुरू कर दी।

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संस्थान प्रशासन का आरोप है कि हमलावरों ने पुरुष और महिला कर्मचारियों के साथ भी बदसलूकी की। घटना में आईटी विभागाध्यक्ष पीयूष काला, भौतिकी विभाग के व्याख्याता प्रभात चंद खंडूरी, मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभागाध्यक्ष अणिमा पंवार तथा आउटसोर्स व्याख्याता गौरव कुमार घायल हो गए। घायलों को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया, जहां उनका मेडिकल परीक्षण भी कराया गया।

संस्थान के प्रधानाचार्य अवनीश जैन की तहरीर पर पटेलनगर थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि आरोपियों ने सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाई, कर्मचारियों के साथ मारपीट की और गाली-गलौज करते हुए माहौल खराब किया। प्रधानाचार्य के अनुसार पूरी घटना कॉलेज परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हुई है।

कर्मचारियों में दहशत, काली पट्टी बांधकर किया विरोध

घटना के बाद संस्थान के शिक्षकों और कर्मचारियों में रोष व्याप्त है। प्रधानाचार्य अवनीश जैन ने बताया कि मारपीट की घटना के बाद कई कर्मचारी भय और असुरक्षा महसूस कर रहे हैं। इसका असर शैक्षणिक गतिविधियों और प्रशासनिक कार्यों पर भी पड़ रहा है।

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शनिवार को शिक्षकों ने घटना के विरोध में काली पट्टी बांधकर कार्य किया। शिक्षक संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो संस्थान का शैक्षणिक माहौल प्रभावित हो सकता है।

दरोगा पक्ष ने भी लगाए गंभीर आरोप

मामले में दूसरा पक्ष भी सामने आया है। छात्र कबीर कंडवाल और उसके पिता महेश कंडवाल ने पुलिस को दी शिकायत में शिक्षकों पर मारपीट और उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं। उनकी ओर से दर्ज कराई गई शिकायत में कहा गया है कि चार जून की परीक्षा के दौरान कबीर ने परीक्षा कक्ष में हो रही नकल का विरोध किया था।

आरोप है कि इसके बाद एक शिक्षिका के कहने पर उसे परीक्षा कक्ष से बाहर बुलाया गया, जहां एक प्रवक्ता ने उसके साथ मारपीट और अभद्र व्यवहार किया। शिकायत में यह भी कहा गया है कि बाद में छात्र को दूसरे कक्ष में ले जाकर कुछ शिक्षकों और विभागाध्यक्षों ने उससे पैसे की मांग की तथा घटना की जानकारी किसी को देने पर परीक्षा में फेल कराने और जान से मारने की धमकी दी।

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परिजनों का यह भी आरोप है कि अगले दिन जब वे कॉलेज पहुंचे तो उनके साथ भी अभद्रता और मारपीट की गई।

सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस

एसपी सिटी प्रमोद कुमार ने बताया कि दोनों पक्षों की शिकायतों के आधार पर मुकदमे दर्ज कर लिए गए हैं। मामले की निष्पक्ष और गहन जांच के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों का परीक्षण कर रही है। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

इस मामले ने एक बार फिर शैक्षणिक संस्थानों में परीक्षा व्यवस्था, अनुशासन और सरकारी कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सभी की निगाहें पुलिस जांच और सीसीटीवी फुटेज से सामने आने वाले तथ्यों पर टिकी हैं।

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