हल्द्वानी। नैनीताल जनपद में निजी विद्यालयों की मनमानी के खिलाफ जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए कार्रवाई तेज कर दी है। जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल के निर्देश पर मुख्य शिक्षा अधिकारी गोविंद राम जायसवाल ने 12 और निजी विद्यालयों को कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं। इसके साथ ही अब तक जिले के कुल 50 निजी विद्यालय प्रशासनिक कार्रवाई के दायरे में आ चुके हैं।
प्रशासन की इस कार्रवाई से निजी स्कूल संचालकों में हड़कंप की स्थिति है। इससे पहले हल्द्वानी, लालकुआं, रामनगर, भवाली और भीमताल क्षेत्र के 38 विद्यालयों को नोटिस भेजे जा चुके हैं।
नोटिस प्राप्त करने वाले विद्यालयों में वेदान्तंम इंटरनेशनल स्कूल, चिल्ड्रन वैली पब्लिक स्कूल, न्यू बाल संसार स्कूल, आरुष पब्लिक स्कूल, जी किड्स पब्लिक स्कूल, काठगोदाम पब्लिक जूनियर हाईस्कूल, लिटिल स्पार्कल एकेडमी, मानस पब्लिक स्कूल, नेशनल पब्लिक स्कूल, श्री कृपा पब्लिक स्कूल, सेंट जॉर्ज स्कूल तथा समिट पब्लिक स्कूल शामिल हैं।
जांच के दौरान कई विद्यालयों द्वारा एनसीईआरटी पाठ्यक्रम के स्थान पर महंगी निजी प्रकाशनों की पुस्तकें अनिवार्य कराए जाने की बात सामने आई है, जिससे अभिभावकों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ पड़ा। इसके अतिरिक्त कुछ विद्यालयों द्वारा निर्धारित विक्रेताओं से पुस्तकें खरीदने का दबाव बनाए जाने और वेबसाइट पर अनिवार्य सूचनाएं सार्वजनिक न करने जैसी अनियमितताएं भी पाई गई हैं।
प्रशासन द्वारा यह कार्रवाई ‘बच्चों को निःशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009’ तथा ‘उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019’ के प्रावधानों के तहत की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि शिक्षा व्यवस्था को पारदर्शी, सुलभ और अभिभावक हितैषी बनाना प्राथमिकता है।
सभी संबंधित विद्यालयों को 15 दिन के भीतर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही एनसीईआरटी आधारित संशोधित पुस्तक सूची जारी करने, विक्रेता विशेष की बाध्यता समाप्त करने, वेबसाइट पर शुल्क एवं पुस्तक सूची का पूर्ण प्रकटीकरण करने तथा अभिभावकों से वसूली गई अतिरिक्त राशि का समायोजन या वापसी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
जिलाधिकारी के निर्देशानुसार विकासखंड स्तर पर संयुक्त जांच समितियां गठित की गई हैं, जो 15 दिनों के भीतर अपनी जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगी।

