Nainital: मानसून से पहले प्रशासन अलर्ट…24×7 कंट्रोल रूम, भूस्खलन क्षेत्रों में मशीनरी तैनाती के निर्देश

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नैनीताल। मानसून सत्र को देखते हुए नैनीताल जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल के निर्देशानुसार बुधवार को जिला कार्यालय सभागार में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं प्रशासन) सौरभ असवाल की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में सभी विभागों को आपदा प्रबंधन को लेकर अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए।

अपर जिलाधिकारी ने कहा कि मानसून के दौरान संभावित प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए पूर्व तैयारी, विभागीय समन्वय और त्वरित प्रतिक्रिया अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने सभी विभागों को समयबद्ध कार्ययोजना तैयार कर एक सप्ताह के भीतर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।

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बैठक में सड़क एवं निर्माण एजेंसियों को संवेदनशील और भूस्खलन संभावित मार्गों पर जेसीबी, पोकलैंड सहित भारी मशीनरी ऑपरेटर और तकनीकी स्टाफ के साथ तैनात करने को कहा गया। तैनात कर्मियों के नाम और मोबाइल नंबर सार्वजनिक करने के भी निर्देश दिए गए।

सभी उपजिलाधिकारियों को तहसील स्तर पर बाढ़ एवं भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर आवश्यक सुरक्षात्मक कार्य समय से पूर्ण कराने को कहा गया। विद्युत विभाग को आपूर्ति बाधित होने की स्थिति में तत्काल बहाली के लिए आवश्यक उपकरणों का पर्याप्त स्टॉक रखने तथा वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

जल संस्थान और पेयजल निगम को पाइपलाइन मरम्मत, टंकियों की सफाई और टैंकरों की व्यवस्था पहले से सुनिश्चित करने को कहा गया। स्वास्थ्य विभाग को सीएचसी, पीएचसी एवं उपकेंद्रों में जीवनरक्षक दवाओं, एंटी-वेनम और ओआरएस का पर्याप्त भंडारण रखने तथा दुर्गम क्षेत्रों में मेडिकल टीम और एम्बुलेंस की अग्रिम तैनाती के निर्देश दिए गए।

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खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग को निर्देशित किया गया कि संभावित आपदा के मद्देनजर दुर्गम क्षेत्रों में तीन माह का खाद्यान्न अग्रिम रूप से भंडारित किया जाए। इसके अलावा राहत शिविरों में खाद्य सामग्री, कंबल, पेयजल और आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया।

अपर जिलाधिकारी ने बताया कि जिला और तहसील स्तर पर आपदा कंट्रोल रूम 24 घंटे सक्रिय रहेंगे और सभी विभागों को न्यूनतम समय में प्रतिक्रिया सुनिश्चित करनी होगी। नगर निकायों को जर्जर भवनों की पहचान कर आवश्यक कार्रवाई करने तथा 15 जून से पहले नालों-नालियों की सफाई पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।

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सिंचाई विभाग को नहरों एवं गूलों की सफाई और कटाव प्रभावित तटबंधों के सुदृढ़ीकरण को प्राथमिकता देने को कहा गया। संवेदनशील क्षेत्रों में वायर-क्रेट और जियो-बैग की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।

बैठक में एसपी सिटी जगदीश चन्द्र, नगर आयुक्त हल्द्वानी परितोष वर्मा, उपजिलाधिकारी नैनीताल नवाजिश खालिक सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे, जबकि अन्य अधिकारी वर्चुअल माध्यम से जुड़े।

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