नई दिल्ली। देशभर के मौसम में एक बार फिर बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। कश्मीर और आसपास सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के चलते उत्तर भारत सहित कई हिस्सों में तेज हवाएं, गरज-चमक, धूल भरी आंधी, हल्की बारिश और ओलावृष्टि का दौर शुरू हो गया है। India Meteorological Department (मौसम विभाग) ने कई राज्यों के लिए अलर्ट जारी किया है।
दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। इसके साथ ही गरज-चमक और धूल भरी आंधी का असर भी देखने को मिल सकता है। कहीं-कहीं हल्की बारिश होने से लोगों को थोड़ी राहत जरूर मिलेगी, लेकिन यह राहत ज्यादा दिनों तक टिकने वाली नहीं है।
पूर्वी उत्तर प्रदेश, झारखंड और ओडिशा में मौसम ज्यादा उग्र रूप ले सकता है। यहां गरज-चमक के साथ ओलावृष्टि की आशंका जताई गई है। वहीं मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और पूर्वी यूपी में 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जो जनजीवन को प्रभावित कर सकती हैं।
पूर्वोत्तर राज्यों—नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा—के साथ राजस्थान के कुछ हिस्सों में भी गरज के साथ हल्की से मध्यम बारिश और 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं का पूर्वानुमान है।
मौसम विभाग के अनुसार उत्तर-पश्चिम भारत में 9 मई तक अधिकतम तापमान में 4 से 6 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी हो सकती है। यानी कुछ दिनों की राहत के बाद गर्मी फिर तेज रफ्तार पकड़ सकती है। हालांकि फिलहाल अच्छी खबर यह है कि देश के अधिकांश हिस्सों में लू चलने की संभावना नहीं है।
मध्य भारत में 6 मई तक तापमान में 2 से 3 डिग्री की गिरावट दर्ज की जा सकती है, जिसके बाद इसमें स्थिरता बनी रहेगी। वहीं आंध्र प्रदेश के कुछ हिस्सों में उमस भरा मौसम लोगों को परेशान कर सकता है।
कुल मिलाकर, देश में मौसम का यह उतार-चढ़ाव फिलहाल राहत और चुनौती दोनों लेकर आया है—जहां एक ओर गर्मी से अस्थायी राहत मिलेगी, वहीं तेज हवाएं और ओलावृष्टि नुकसान भी पहुंचा सकती हैं। आने वाले दिनों में तापमान में बढ़ोतरी के साथ गर्मी फिर से अपना असर दिखाएगी।

