वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य में चल रहे ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ मिशन को अस्थायी रूप से रोकने का ऐलान किया है। यह ऑपरेशन फंसे हुए व्यापारिक जहाजों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए शुरू किया गया था। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर इसकी जानकारी साझा करते हुए कहा कि फिलहाल यह कदम कूटनीतिक बातचीत को आगे बढ़ाने के लिए उठाया गया है।
ट्रंप ने साफ किया कि जहाजों की निकासी भले रोक दी गई हो, लेकिन ईरान के बंदरगाहों की नौसैनिक घेराबंदी पहले की तरह जारी रहेगी। यानी सैन्य दबाव बनाए रखते हुए अमेरिका बातचीत की दिशा में आगे बढ़ना चाहता है।
राष्ट्रपति के मुताबिक, यह फैसला पाकिस्तान समेत कुछ अन्य देशों की अपील पर लिया गया है, जो इस समय अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान में अमेरिका को बड़ी सफलता मिली है और अब एक “पूर्ण और अंतिम समझौते” की दिशा में सकारात्मक प्रगति हो रही है।
इस अस्थायी रोक का मुख्य उद्देश्य यह परखना है कि क्या वॉशिंगटन और तेहरान के बीच समझौता अंतिम चरण तक पहुंच सकता है। ट्रंप ने कहा कि “आपसी सहमति से यह कदम उठाया गया है, ताकि बातचीत को सफल अंजाम तक पहुंचाया जा सके।”
गौरतलब है कि ट्रंप ने रविवार को ही इस मिशन की घोषणा की थी, जिसके बाद United States Central Command (CENTCOM) ने सोमवार से ऑपरेशन शुरू कर दिया था। इस बड़े सैन्य अभियान में मिसाइल रोधी युद्धपोत, 100 से अधिक विमान और ड्रोन तैनात किए गए थे, जबकि करीब 15,000 सैनिक इसमें शामिल थे।
यह ऑपरेशन वैश्विक व्यापार के लिए बेहद अहम समुद्री मार्ग हॉर्मुज जलडमरूमध्य को सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से शुरू किया गया था, जहां किसी भी तरह का तनाव सीधे अंतरराष्ट्रीय तेल आपूर्ति और व्यापार को प्रभावित कर सकता है।

