देहरादून। उत्तराखंड में राशन कार्ड धारकों के लिए ई-केवाईसी अब अनिवार्य कर दी गई है। राज्य सरकार ने सभी यूनिट धारकों को 30 मई तक हर हाल में अपनी ई-केवाईसी पूरी कराने के निर्देश दिए हैं। तय समयसीमा तक प्रक्रिया पूरी नहीं करने पर लाभार्थियों को सरकारी राशन मिलने में दिक्कत आ सकती है।
सरकार का कहना है कि यह कदम सार्वजनिक वितरण प्रणाली को पारदर्शी बनाने और फर्जी लाभार्थियों को हटाने के लिए उठाया गया है, ताकि पात्र लोगों तक ही खाद्यान्न का लाभ पहुंचे।
ई-केवाईसी प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए National Informatics Centre (एनआईसी) ने Mera e-KYC मोबाइल ऐप तैयार किया है। इसके जरिए लाभार्थी घर बैठे आधार नंबर, ओटीपी और फेस रिकॉग्निशन की मदद से सत्यापन कर सकते हैं। इससे खासतौर पर बुजुर्ग, दिव्यांग और दूरदराज के लोगों को बड़ी राहत मिल रही है।
आंकड़ों के मुताबिक, सफेद राशन कार्ड धारकों में ई-केवाईसी की प्रगति अच्छी है और करीब 72 प्रतिशत लोग प्रक्रिया पूरी कर चुके हैं। वहीं पीले राशन कार्ड धारकों में यह आंकड़ा अभी करीब 40 प्रतिशत ही है, जो प्रशासन के लिए चिंता का विषय बना हुआ है।
जिला पूर्ति अधिकारी K K Agrawal ने सभी लाभार्थियों से अपील की है कि वे समयसीमा से पहले ई-केवाईसी जरूर पूरी कर लें, ताकि राशन वितरण में किसी तरह की बाधा न आए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि डेडलाइन के बाद बिना ई-केवाईसी वाले कार्डधारकों को अस्थायी रूप से राशन से वंचित किया जा सकता है।
कुल मिलाकर, सरकार की सख्ती के बीच अब लाभार्थियों के पास सीमित समय बचा है। ऐसे में समय रहते ई-केवाईसी पूरा करना ही समझदारी भरा कदम होगा, ताकि आगे किसी परेशानी का सामना न करना पड़े।

