नैनीताल। उत्तराखंड के भू-कानून के उल्लंघन पर नैनीताल जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए ग्राम सतबूंगा स्थित 250 वर्ग मीटर भूमि को राज्य सरकार में निहित करने के आदेश जारी किए हैं। जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने सुनवाई और अभिलेखों के परीक्षण के बाद यह फैसला सुनाया। साथ ही उपजिलाधिकारी नैनीताल को राजस्व अभिलेखों में आवश्यक प्रविष्टि कर भूमि का कब्जा राज्य सरकार के पक्ष में लेने के निर्देश दिए हैं।
जिला प्रशासन के अनुसार, उपजिलाधिकारी नैनीताल की जांच में सामने आया कि पूनम त्रिखा, निवासी बल्लभगढ़ (हरियाणा), के नाम ग्राम खपराड़ में श्रेणी-1(ग) की 500 वर्ग मीटर भूमि पहले से दर्ज है। इसके बावजूद उनके पति राकेश त्रिखा ने ग्राम सतबूंगा में 250 वर्ग मीटर अतिरिक्त भूमि खरीद ली।
सुनवाई के दौरान प्रतिवादियों ने दावा किया कि दोनों अलग-अलग रह रहे हैं। हालांकि, जिला शासकीय अधिवक्ता ने न्यायालय को बताया कि दंपति का विधिक रूप से तलाक नहीं हुआ है और खपराड़ की 500 वर्ग मीटर भूमि आज भी राजस्व अभिलेखों में श्रीमती पूनम त्रिखा के नाम दर्ज है। ऐसे में पति द्वारा अतिरिक्त भूमि की खरीद उत्तराखंड के भू-कानून में निर्धारित सीमा का उल्लंघन है।
अभिलेखों, जांच रिपोर्ट और दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद जिलाधिकारी ने सतबूंगा स्थित 250 वर्ग मीटर भूमि को राज्य सरकार में निहित करने के आदेश जारी कर दिए। साथ ही उपजिलाधिकारी को निर्देशित किया गया है कि राजस्व अभिलेखों में आवश्यक संशोधन कर भूमि का कब्जा राज्य सरकार के पक्ष में लिया जाए।

