Uttarakhand: समय पर इलाज मिलता तो बच सकती थी जान!…पूर्व प्रधान की मौत के बाद स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे बड़े सवाल

खबर शेयर करें

अल्मोड़ा। सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं के दावों पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। भतरौजखान क्षेत्र में दीवार से गिरकर घायल हुए 42 वर्षीय पूर्व ग्राम प्रधान गणेश गिरी की समय पर उपचार नहीं मिलने के आरोपों के बीच मौत हो गई। परिजनों का कहना है कि यदि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में तत्काल इलाज मिलता और समय रहते बेहतर चिकित्सा उपलब्ध कराई जाती तो उनकी जान बचाई जा सकती थी। मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी अंशुल सिंह ने जांच के आदेश दिए हैं।

परिजनों के अनुसार, भौनली निवासी पूर्व ग्राम प्रधान गणेश गिरी सोमवार रात दीवार से गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। उनके सिर में गहरी चोट लगी थी। रात करीब 11 बजे स्वजन उन्हें उपचार के लिए भतरौजखान प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे, लेकिन वहां अस्पताल में ताला लटका मिला और कोई चिकित्साकर्मी मौजूद नहीं था। आरोप है कि अस्पताल का आपातकालीन नंबर भी काम नहीं कर रहा था।

यह भी पढ़ें 👉  Uttarakhand: परमार्थ निकेतन में गूंजे गंगा आरती के स्वर, CM धामी और भाजपा अध्यक्ष नितिन नबीन ने किया गंगा पूजन

परिजनों का कहना है कि काफी शोर-शराबे के बाद एक कर्मचारी मौके पर पहुंचा और कुछ देर बाद चिकित्साधिकारी अस्पताल आए। आरोप है कि तत्काल उपचार शुरू करने के बजाय पुलिस को बुलाया गया। बाद में चिकित्साधिकारी डॉ. करन ने प्राथमिक उपचार के बाद घायल को लगभग 40 किलोमीटर दूर उप जिला चिकित्सालय रानीखेत ले जाया।

यह भी पढ़ें 👉  उत्तराखंड में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की नई तिथियां घोषित, दो चरणों में होगा मतदान, 31 जुलाई को मतगणना

रानीखेत अस्पताल में हालत गंभीर देखते हुए चिकित्सकों ने उन्हें बेस अस्पताल अल्मोड़ा रेफर कर दिया। सुबह करीब साढ़े पांच बजे जब परिजन उन्हें बेस अस्पताल लेकर पहुंचे तो चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

घटना के बाद क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर नाराजगी है। ग्राम प्रधान जगत राम सहित ग्रामीण जगदीश पांडे और अशोक सती ने आरोप लगाया कि सरकारी अस्पताल में न समय पर चिकित्सक मिले, न आपातकालीन व्यवस्था काम आई और न ही प्रभावी प्राथमिक उपचार मिल सका। उनका कहना है कि यदि पहले ही अस्पताल में समुचित इलाज मिलता तो शायद गणेश गिरी की जान बचाई जा सकती थी।

यह भी पढ़ें 👉  राशिफल 18 दिसम्बर 2025

जिलाधिकारी अंशुल सिंह ने मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि अस्पतालों से मरीज को रेफर किए जाने की पूरी प्रक्रिया की जांच कराई जाएगी। उन्होंने मुख्य चिकित्साधिकारी को पूरे प्रकरण की जांच के निर्देश दिए हैं।

वहीं, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एच.सी. पंत ने कहा कि भतरौजखान अस्पताल में चिकित्साधिकारी मौजूद थे और मरीज को आवश्यक उपचार देने के बाद ही हायर सेंटर रेफर किया गया था।

ADVERTISEMENTS

You cannot copy content of this page