Uttarakhand: जंगली हाथी का हमला…घास लेने गए वन गुर्जर की मौत, वन विभाग और पुलिस मौके पर पहुंची

खबर शेयर करें

हरिद्वार। उत्तराखंड के हरिद्वार जिले में जंगली हाथी के हमले में एक वन गुर्जर की दर्दनाक मौत हो गई। श्यामपुर रेंज के कांसवाली बीट स्थित आरक्षित वन क्षेत्र में गुरुवार सुबह घास लेने गए व्यक्ति पर हाथी ने अचानक हमला कर दिया। हमले में उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद वन विभाग और पुलिस में हड़कंप मच गया। अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है।

मृतक की पहचान एहसान के रूप में हुई है, जो पास की गुर्जर बस्ती का निवासी था। घटना की सूचना मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया।

घास लेने गया था, हाथी ने कर दिया हमला

प्राप्त जानकारी के अनुसार, गुरुवार सुबह एहसान मवेशियों के लिए घास लेने आरक्षित वन क्षेत्र में गया था। इसी दौरान जंगल में मौजूद एक जंगली हाथी से उसका आमना-सामना हो गया। बताया जा रहा है कि हाथी ने उस पर अचानक हमला कर दिया और कई बार पटक दिया, जिससे उसकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई। स्थानीय लोगों ने घटना की सूचना तुरंत वन विभाग को दी, जिसके बाद विभाग की टीम मौके पर पहुंची और क्षेत्र को सुरक्षित कराया।

यह भी पढ़ें 👉  Haldwani: गार्गी संध्या आरती का पहला वर्ष पूर्ण, रानीबाग में 5 जून को गूंजेगी भक्ति की स्वर लहरियां

पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा

सूचना मिलने पर श्यामपुर थाना पुलिस भी घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरने के बाद पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया। मामले की जांच जारी है।

यह भी पढ़ें 👉  राशिफल 5 जनवरी

डीएफओ ने किया घटनास्थल का निरीक्षण

घटना की जानकारी मिलने पर डीएफओ स्वप्निल अनिरुद्ध भी अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचे। निरीक्षण के दौरान घटनास्थल पर हाथी की मौजूदगी के स्पष्ट साक्ष्य मिले। वन विभाग ने घटनास्थल के फोटो, जीपीएस लोकेशन और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान सहित अन्य जरूरी साक्ष्य एकत्र करने शुरू कर दिए हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि घटना के समय एहसान अकेले जंगल में गया था और उसी दौरान उसका हाथी से सामना हो गया।

यह भी पढ़ें 👉  बारिश का असर: यमुनोत्री-गंगोत्री हाईवे समेत प्रदेश में 59 सड़कें बंद, जनजीवन अस्त-व्यस्त

संवेदनशील क्षेत्र में लोगों के प्रवेश पर रोक

वन विभाग ने एहतियात के तौर पर घटना स्थल और आसपास के क्षेत्र में लोगों की आवाजाही पर रोक लगा दी है। अधिकारियों का कहना है कि हाथियों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है ताकि किसी अन्य अप्रिय घटना को रोका जा सके।

डीएफओ स्वप्निल अनिरुद्ध ने लोगों से अपील की है कि हाथियों की आवाजाही वाले क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतें और बिना अत्यंत आवश्यकता के आरक्षित वन क्षेत्र में प्रवेश न करें। उन्होंने कहा कि वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास में अनावश्यक प्रवेश जानलेवा साबित हो सकता है।

ADVERTISEMENTS

You cannot copy content of this page