रामनगर (नैनीताल)। लगातार हो रही बारिश और आपदा का असर अब किसानों की खेती पर भी साफ दिखाई देने लगा है। रामनगर के छोई गांव में बेलगढ़ के पास स्थित सिंचाई नहर भारी मलबा और पेड़ गिरने से क्षतिग्रस्त हो गई है। नहर के टूटने से खेतों तक पानी पहुंचना बंद हो गया है, जिससे धान की रोपाई के बीच सैकड़ों किसानों के सामने बड़ा संकट खड़ा हो गया है।
ग्रामीणों के अनुसार यह नहर छोई क्षेत्र के किसानों के लिए सिंचाई का प्रमुख स्रोत है। धान की फसल के लिए इस समय पर्याप्त पानी की जरूरत होती है, लेकिन नहर बंद होने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। यदि जल्द मरम्मत नहीं हुई तो फसल के साथ-साथ किसानों की लागत पर भी असर पड़ सकता है।
स्थिति की जानकारी मिलने पर समाजसेवी राहुल सिंह दरम्वाल स्थानीय किसानों, युवाओं और जनप्रतिनिधियों के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने क्षतिग्रस्त नहर का निरीक्षण किया और संबंधित विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों तथा जिला प्रशासन से तत्काल मरम्मत कार्य शुरू कराने की मांग की।
राहुल सिंह दरम्वाल ने कहा कि किसान पहले ही मौसम की मार झेल रहे हैं और अब सिंचाई व्यवस्था बाधित होने से उनकी मुश्किलें और बढ़ गई हैं। उन्होंने कहा कि प्रशासन को प्राथमिकता के आधार पर नहर की मरम्मत करानी चाहिए ताकि किसानों को राहत मिल सके और धान की फसल प्रभावित न हो।
स्थानीय किसानों ने भी प्रशासन से जल्द कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि यदि समय रहते नहर की मरम्मत नहीं हुई तो छोई गांव के सैकड़ों किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।:::

