ब्रह्मकमल टोपी, पहाड़ी बोली और आस्था का संगम…पीएम मोदी ने फिर प्रकट किया उत्तराखंड प्रेम

खबर शेयर करें

देहरादून। प्रधानमंत्री Narendra Modi का उत्तराखंड से जुड़ाव एक बार फिर उस समय साफ नजर आया, जब उन्होंने दिल्ली-दून एक्सप्रेस-वे के उद्घाटन समारोह में अपने चिर-परिचित अंदाज से स्थानीय लोगों का दिल जीत लिया। सिर पर ब्रह्मकमल टोपी, भाषण में गढ़वाली-कुमाऊंनी के शब्द और भावनाओं में प्रदेश की बेहतरी इन तीनों का अनूठा संगम कार्यक्रम में देखने को मिला।

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन की शुरुआत ही पहाड़ी बोली के शब्दों भुला-भुलियों, सयाणा, आमा और बाबा से की, जिससे जनसभा में अलग ही उत्साह का माहौल बन गया। उन्होंने एक बार फिर साबित किया कि उत्तराखंड की संस्कृति, भाषा और परंपराओं से उनका गहरा लगाव है।

यह भी पढ़ें 👉  हल्द्वानी: राशन कार्ड ई-केवाईसी की समय-सीमा खत्म, नैनीताल जिले में अब भी 37 प्रतिशत यूनिटें अप्रमाणित

अपने भाषण में प्रधानमंत्री मोदी ने स्थानीय आस्था के केंद्र मां डाटकाली मंदिर के आशीर्वाद को एक्सप्रेस-वे निर्माण से जोड़ा और कहा कि देहरादून पर मां की विशेष कृपा है। साथ ही उत्तर प्रदेश स्थित संतला माता मंदिर का स्मरण करते हुए उन्होंने क्षेत्रीय धार्मिक आस्थाओं को भी सम्मान दिया।

यह भी पढ़ें 👉  हनीमून पर पति की हैवानियत: मारपीट से महिला के कान का पर्दा फटा, ससुरालियों पर गंभीर आरोप

प्रधानमंत्री ने हरिद्वार कुंभ, नंदा राजजात, पंच बदरी, पंच केदार और पंच प्रयाग जैसे प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों का उल्लेख कर अपने भाषण को स्थानीय भावनाओं से जोड़ दिया, जिससे उनका ‘लोकल कनेक्ट’ और मजबूत नजर आया।

पीएम-सीएम की फिर दिखी मजबूत बांडिंग
कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री Narendra Modi और मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami के बीच मजबूत तालमेल भी देखने को मिला। अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने धामी को लोकप्रिय, कर्मठ और युवा मुख्यमंत्री बताते हुए उनकी सराहना की।

यह भी पढ़ें 👉  सऊदी अरब के अमेरिकी एयरबेस पर ईरान का हमला, AWACS विमान तबाह होने का दावा

वहीं, केंद्रीय मंत्री Nitin Gadkari के भाषण के दौरान मंच पर मोदी और धामी के बीच हुई बातचीत और प्रधानमंत्री का मुख्यमंत्री की बात को ध्यानपूर्वक सुनना, दोनों नेताओं के बीच मजबूत बांडिंग को दर्शाता नजर आया।

ADVERTISEMENTS Ad

You cannot copy content of this page