सरकार का ‘क्लीन-अप मिशन’ तेज, थापाथली-गैरेगौण के बाद शांतिनगर-गौशाला अगला निशाना
काठमांडू: नेपाल की राजधानी काठमांडू में बागमती नदी को साफ और शहर को अतिक्रमण मुक्त बनाने के लिए सरकार ने बड़ा अभियान चलाया है। शनिवार को बागमती नदी के किनारों पर बने सैकड़ों अवैध झोपड़ियों और अस्थायी ढांचों पर बुलडोजर चलाया गया।
यह कार्रवाई मुख्य रूप से थापाथली और गैरेगौण क्षेत्रों में की गई, जहां वर्षों से भूमिहीन परिवार कच्चे मकानों में रह रहे थे। प्रशासन के अनुसार थापाथली से करीब 146 और गैरेगौण से लगभग 200 परिवारों को हटाया गया।
इस अभियान को बालेन्द्र शाह के नेतृत्व में काठमांडू मेट्रोपॉलिटन सिटी और संघीय सरकार ने संयुक्त रूप से अंजाम दिया। कार्रवाई के दौरान नेपाल पुलिस, सशस्त्र पुलिस बल और महानगर पुलिस की तैनाती रही।
हटाए गए परिवारों में से कई को अस्थायी रूप से दशरथ स्टेडियम और कीर्तिपुर में बनाए गए राहत शिविरों में भेजा गया है। प्रशासन का कहना है कि प्रभावित लोगों के पुनर्वास की व्यवस्था की जा रही है।
गौरतलब है कि इससे पहले भी बागमती किनारे अतिक्रमण हटाने की कोशिशें हुई थीं, लेकिन उस समय अभियान अधूरा रह गया था। इस बार सरकार ने पहले से नोटिस देकर और पुनर्वास का आश्वासन देकर कार्रवाई को शांतिपूर्ण तरीके से पूरा किया।
अधिकारियों के मुताबिक यह अभियान अभी जारी रहेगा। थापाथली और गैरेगौण के बाद अब शांतिनगर और गौशाला क्षेत्रों में भी इसी तरह की कार्रवाई की जाएगी।
सरकार का लक्ष्य बागमती नदी के प्राकृतिक स्वरूप को बहाल करते हुए काठमांडू को स्वच्छ और व्यवस्थित शहर के रूप में विकसित करना है।

