Haldwani: “ब्रह्मज्ञान के बाद सत्संग जरूरी”…संत निरंकारी मिशन के समागम में गूंजे आध्यात्मिक संदेश

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हल्द्वानी: संत निरंकारी मिशन के तत्वावधान में शनिवार को गोजाजाली बरेली रोड स्थित संत निरंकारी सत्संग भवन में विशाल सत्संग का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर आध्यात्मिक संदेशों का लाभ उठाया।

दिल्ली से पधारे मिशन के केंद्रीय ज्ञानप्रचारक नेपाल सिंह चौधरी ने सत्संग को संबोधित करते हुए कहा कि मनुष्य जीवन अत्यंत दुर्लभ है और सदगुरु की कृपा से ही ब्रह्मज्ञान की प्राप्ति संभव होती है। उन्होंने कहा कि ईश्वर की पहचान के बिना भक्ति अधूरी है और ज्ञान प्राप्ति के बाद उस पर दृढ़ बने रहने के लिए सत्संग अत्यंत आवश्यक है।

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उन्होंने संतों के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि जो साधक नियमित रूप से संगत में शामिल होते हैं, वे कभी भ्रमित नहीं होते और जीवन में सही मार्ग पर आगे बढ़ते हैं। आज के समय में ज्ञान की कमी के कारण समाज में द्वेष और अहंकार बढ़ रहा है, जिसे समाप्त करने के लिए ब्रह्मज्ञान जरूरी है।

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प्रवचन में बताया गया कि माता सुदीक्षा जी महाराज द्वारा दिए जा रहे ब्रह्मज्ञान के माध्यम से समाज में भाईचारा, प्रेम और एकता स्थापित की जा सकती है तथा इसी ज्ञान से प्रभु की प्राप्ति संभव है।

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सत्संग के अंत में क्षेत्रीय संचालक दीपक वाही ने दिल्ली से आए महात्माओं और उपस्थित साधसंगत का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम ने श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक ऊर्जा और सकारात्मक जीवन दृष्टि प्रदान की।

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