होर्मुज पर जंग की दस्तक: डोनाल्ड ट्रंप का अल्टीमेटम-48 घंटे में रास्ता खोलो, वरना ईरान के पावर प्लांट्स होंगे निशाने पर

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वॉशिंगटन: मध्य पूर्व में हालात एक बार फिर विस्फोटक होते नजर आ रहे हैं। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने अब खुली टकराव की स्थिति पैदा कर दी है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को सख्त अल्टीमेटम देते हुए कहा है कि यदि 48 घंटे के भीतर होर्मुज जलडमरूमध्य को बिना शर्त पूरी तरह नहीं खोला गया, तो अमेरिका उसके प्रमुख पावर प्लांट्स पर सैन्य कार्रवाई करेगा।

ट्रंप ने अपने बयान में यह भी स्पष्ट किया कि संभावित हमला ईरान के सबसे बड़े ऊर्जा संयंत्र से शुरू होगा और जरूरत पड़ने पर अन्य ठिकानों तक बढ़ाया जाएगा। उनके इस बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हलचल तेज हो गई है और कूटनीतिक गतिविधियां भी बढ़ गई हैं।

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होर्मुज जलडमरूमध्य, जिसे वैश्विक तेल आपूर्ति की जीवनरेखा माना जाता है, इस समय तनाव का केंद्र बना हुआ है। दुनिया के कुल तेल परिवहन का बड़ा हिस्सा इसी मार्ग से गुजरता है। ऐसे में यहां किसी भी तरह की रुकावट या सैन्य गतिविधि का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल कीमतों और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है।

सूत्रों के अनुसार, ईरानी हमलों की आशंका के चलते बड़ी संख्या में तेल टैंकर और व्यापारिक जहाज इस मार्ग में फंसे हुए हैं, जिससे सप्लाई चेन पर दबाव बढ़ गया है और ऊर्जा बाजार में अनिश्चितता गहरा गई है।

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तनाव के बीच अमेरिका द्वारा ईरानी तेल की खरीद पर लगी पाबंदी हटाने का फैसला भी चर्चा में है। इसे पश्चिम एशिया की बदलती परिस्थितियों के बीच एक बड़ा रणनीतिक यू-टर्न माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम बाजार को स्थिर रखने और वैश्विक दबाव को संतुलित करने की कोशिश हो सकता है।

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इसी बीच संयुक्त अरब अमीरात के नेतृत्व में 22 देशों ने होर्मुज क्षेत्र में वाणिज्यिक जहाजों पर हमलों को लेकर संयुक्त बयान जारी किया है। बयान में ईरान की कड़ी आलोचना करते हुए कहा गया कि समुद्री मार्गों में बाधा डालना अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन है और इससे वैश्विक शांति व सुरक्षा को खतरा पैदा होता है।

ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान और कनाडा सहित कई देशों ने ईरान से तत्काल हमले रोकने और समुद्री आवागमन को सुरक्षित बनाए रखने की अपील की है।

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