रमेश यादव, सितारगंज। सुरक्षा उपकरण बनाने वाली करम कंपनी के श्रमिकों ने वेतन वृद्धि, ओवरटाइम, बोनस और अन्य श्रमिक हितों से जुड़ी मांगों को लेकर कैबिनेट मंत्री Saurabh Bahuguna के आवास का घेराव किया। करीब 400 श्रमिकों ने मंत्री के समक्ष अपनी समस्याएं रखते हुए त्रिपक्षीय समझौते के बावजूद मांगों पर अमल नहीं होने का आरोप लगाया।
श्रमिकों के पहुंचने पर मंत्री सौरभ बहुगुणा स्वयं आवास से बाहर आए और श्रमिकों के बीच जमीन पर बैठकर उनकी बात सुनी। इस दौरान श्रमिकों ने वेतन वृद्धि, ओवरटाइम भुगतान, बोनस और अन्य मांगों से जुड़ा ज्ञापन सौंपते हुए शीघ्र समाधान की मांग की।
श्रमिकों ने बताया कि 20 मई को उन्होंने अपनी 10 सूत्रीय मांगों को लेकर कंपनी में एक दिवसीय कार्य बहिष्कार किया था। इसके बाद कंपनी प्रबंधन, श्रम विभाग और श्रमिकों के बीच हुई त्रिपक्षीय वार्ता में कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर सहमति बनी थी। समझौते के तहत स्थायी श्रमिकों के वेतन में वृद्धि, संविदा कर्मचारियों को अनुभव के आधार पर कुशल श्रेणी में शामिल करने तथा ओवरटाइम भुगतान समेत विभिन्न मांगों को स्वीकार किया गया था।
श्रमिकों का कहना था कि समझौते को लगभग दस दिन बीत जाने के बाद भी कंपनी प्रबंधन ने सहमत शर्तों को लागू नहीं किया है, जिससे कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ रही है। उन्होंने मंत्री से हस्तक्षेप कर समझौते को लागू कराने की मांग की।
मामले को गंभीरता से लेते हुए मंत्री सौरभ बहुगुणा ने श्रमिकों को आश्वस्त किया कि उनकी जायज मांगों की अनदेखी नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने कंपनी के एचआर हैदर अब्बास को त्रिपक्षीय समझौते में बनी सहमतियों और श्रमिक हितों से जुड़े बिंदुओं पर तत्काल प्रभाव से आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
मंत्री ने कहा कि उद्योगों की प्रगति और श्रमिकों के हित एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। बेहतर औद्योगिक माहौल के लिए श्रमिकों और प्रबंधन के बीच संतुलन और समन्वय आवश्यक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि श्रमिकों के अधिकारों की अनदेखी किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी और सरकार उनके हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
मंत्री के आश्वासन के बाद श्रमिकों ने उम्मीद जताई कि उनकी मांगों पर जल्द ही सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा। इस दौरान पूर्व मंडी समिति अध्यक्ष अमरजीत कटवाल, मयंक अग्रवाल, राजा हालदार समेत बड़ी संख्या में श्रमिक मौजूद रहे।

