गांव में 40 से अधिक बच्चों में बुखार और पीलिया के लक्षण, स्वास्थ्य विभाग ने गठित की रैपिड रिस्पांस टीम
रमेश यादव, सितारगंज। उधमसिंह नगर जिले के सितारगंज क्षेत्र स्थित नयागांव में पीलिया जैसी गंभीर बीमारी के प्रकोप ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। बीमारी से ग्रसित 10 वर्षीय बालक की दिल्ली में उपचार के दौरान मौत हो गई, जबकि कई अन्य बच्चों का विभिन्न निजी अस्पतालों में इलाज चल रहा है। मामले की जानकारी मिलते ही स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है और बीमारी के कारणों की जांच के लिए रैपिड रिस्पांस टीम (आरआरटी) का गठन कर दिया गया है।
जानकारी के अनुसार नयागांव निवासी 10 वर्षीय अल्तमस पिछले कई दिनों से बुखार से पीड़ित था। परिजनों ने उसकी जांच सितारगंज की एक निजी लैब में कराई, जहां पीलिया की पुष्टि हुई। इसके बाद उसे उपचार के लिए रुद्रपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन स्वास्थ्य में सुधार न होने पर परिजन उसे दिल्ली ले गए। वहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
परिजनों ने बताया कि अल्तमस की बहन भी पीलिया से संक्रमित है और उसका उपचार रुद्रपुर के एक निजी अस्पताल में चल रहा है। ग्राम प्रधान मैसर जहां के अनुसार गांव में 40 से अधिक बच्चे बुखार, कमजोरी, सीने में दर्द और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे हैं। जांच के दौरान अधिकांश बच्चों में पीलिया के लक्षण पाए गए हैं। कई बच्चों का इलाज घरों में चल रहा है, जबकि गंभीर रूप से प्रभावित बच्चों को निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में मोहम्मद अरमान (14), सुप्यान शैरी (13), मोहम्मद रहमान (8), मोहम्मद साद (18), मोहम्मद जुनैर (12), मोहम्मद उजैफ (9) और मुजाहिद (14) समेत कई बच्चे सितारगंज के विभिन्न निजी अस्पतालों में उपचाराधीन हैं। इसके अलावा कई बच्चों को उप जिला अस्पताल में जांच के लिए ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने पीलिया की पुष्टि की।
घटना की सूचना मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग सक्रिय हो गया है। विभागीय अधिकारियों ने प्रभावित क्षेत्र का सर्वे शुरू कर दिया है और बीमारी के स्रोत की पहचान के लिए रैपिड रिस्पांस टीम गठित की गई है। टीम पेयजल स्रोतों, स्वच्छता व्यवस्था और अन्य संभावित कारणों की जांच कर रही है।
गांव में बीमारी के बढ़ते मामलों को देखते हुए स्थानीय लोगों ने स्वास्थ्य विभाग से व्यापक जांच शिविर लगाने, शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने और प्रभावित परिवारों को त्वरित चिकित्सा सहायता देने की मांग की है। वहीं प्रशासन पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है।
रैपिड रिस्पांस टीम गठन कर दिया है। जो घर-घर जाकर बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण करेगी और बीमारी के कारणों की जांच करेगी। इसके साथ ही जल संस्थान को पानी में क्लोरीनेशन कराने तथा क्षतिग्रस्त पेयजल लाइनों की मरम्मत के निर्देश दिए गए हैं।
– डॉ. के.के. अग्रवाल, सीएमओ

