नई दिल्ली। Iran ने होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही को लेकर बड़ा कदम उठाने का संकेत दिया है। ईरानी संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति समिति के चेयरमैन Ebrahim Azizi ने कहा है कि ईरान जल्द ही इस रणनीतिक समुद्री मार्ग पर जहाजों के संचालन के लिए नया सिस्टम लागू करेगा। उनका दावा है कि यह व्यवस्था ईरान की संप्रभुता और अंतरराष्ट्रीय व्यापार की सुरक्षा को ध्यान में रखकर तैयार की गई है।
अजीजी के अनुसार नए सिस्टम का लाभ केवल उन्हीं कारोबारी जहाजों और देशों को मिलेगा, जो ईरान के साथ सहयोगात्मक संबंध बनाए रखेंगे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस विशेष व्यवस्था के तहत दी जाने वाली सेवाओं पर शुल्क या टैक्स लगाया जाएगा। ईरान के इस ऐलान को वैश्विक समुद्री व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
दरअसल, Strait of Hormuz दुनिया के सबसे अहम समुद्री मार्गों में शामिल है। दुनिया की बड़ी मात्रा में तेल और गैस आपूर्ति इसी रास्ते से होकर गुजरती है। ऐसे में ईरान की नई नीति का असर अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार और खाड़ी क्षेत्र की भू-राजनीति पर पड़ सकता है।
इसी बीच ईरान के सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई के सलाहकार Mohammad Mokhber ने Kuwait और United Arab Emirates को लेकर तीखा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि ईरान ने अब तक संयम बरता है, लेकिन यह स्थिति हमेशा नहीं रहने वाली। मोखबर ने आरोप लगाया कि कुछ खाड़ी देशों ने अपने क्षेत्रों को ईरान के विरोधियों के उपयोग के लिए खुला छोड़ दिया है।
उन्होंने कहा कि ईरान ने लंबे समय तक इन देशों को दोस्त और भाई माना, लेकिन अब उन्होंने अपनी स्वतंत्रता तक बेच दी है और अपनी जमीन दुश्मनों के इस्तेमाल के लिए उपलब्ध करा दी है। इस बयान के बाद खाड़ी क्षेत्र में तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिम एशिया में लगातार बढ़ते तनाव के बीच ईरान के ये बयान क्षेत्रीय शक्ति संतुलन और समुद्री सुरक्षा के लिए नए संकेत दे रहे हैं। यदि होर्मुज जलडमरूमध्य में नए नियम लागू होते हैं तो इसका असर वैश्विक व्यापार, तेल की कीमतों और अंतरराष्ट्रीय कूटनीति पर भी दिखाई दे सकता है।

