नई दिल्ली। World Health Organization ने कांगो और युगांडा में तेजी से फैल रहे इबोला संक्रमण को लेकर वैश्विक चिंता जताई है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने रविवार को इस संक्रमण को अंतरराष्ट्रीय सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल घोषित कर दिया। हालांकि डब्ल्यूएचओ ने यह भी स्पष्ट किया कि फिलहाल बंडिबुग्यो वायरस से फैला यह संक्रमण महामारी घोषित किए जाने की श्रेणी में नहीं आता।
संयुक्त राष्ट्र की स्वास्थ्य एजेंसी के मुताबिक Democratic Republic of the Congo के इटुरी प्रांत में हालात लगातार गंभीर होते जा रहे हैं। बुनिया, रवामपारा और मोंगब्वालू समेत कम से कम तीन स्वास्थ्य क्षेत्रों में शनिवार तक 80 संदिग्ध मौतें दर्ज की गई हैं। इसके अलावा आठ मामलों की प्रयोगशाला में पुष्टि हो चुकी है, जबकि 246 संदिग्ध मरीजों की पहचान की गई है।
विशेषज्ञों के अनुसार इबोला वायरस बेहद घातक और तेजी से फैलने वाली वायरल बीमारी है। यह संक्रमित व्यक्ति के शरीर के तरल पदार्थों जैसे खून, पसीना, उल्टी और वीर्य के संपर्क में आने से फैलता है। बीमारी का कोई निश्चित इलाज नहीं है, लेकिन इसके खिलाफ वैक्सीन उपलब्ध है, जिससे संक्रमण को नियंत्रित करने में मदद मिलती है।
डब्ल्यूएचओ के अनुसार कांगो से यात्रा कर रहे दो लोगों में 15 और 16 मई 2026 को Kampala में संक्रमण की पुष्टि हुई। ये दोनों मामले Uganda की राजधानी में सामने आए हैं। स्वास्थ्य एजेंसियों का कहना है कि दोनों संक्रमितों के बीच अभी तक कोई स्पष्ट संबंध नहीं मिला है, जिससे संक्रमण के स्रोत और फैलाव को लेकर चिंता बढ़ गई है।
रिपोर्ट के मुताबिक इटुरी के कई स्वास्थ्य क्षेत्रों में बंडिबुग्यो वायरस रोग (BVD) जैसे लक्षणों से मौत के मामले सामने आए हैं। इसके अलावा वायरल हेमोरेजिक बुखार के लक्षणों के चलते चार स्वास्थ्यकर्मियों की मौत की भी सूचना है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि यह स्थिति स्थानीय स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती बन सकती है।
World Health Organization ने कहा है कि अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य विनियम (IHR) के तहत जल्द ही इमरजेंसी कमेटी की बैठक बुलाई जाएगी। वैश्विक स्वास्थ्य एजेंसियों का मानना है कि संक्रमण के फैलाव को रोकने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निगरानी, समन्वय और रोकथाम के प्रयासों को और तेज करना बेहद जरूरी है।
विशेषज्ञों ने सीमावर्ती देशों को सतर्क रहने, एयरपोर्ट और बॉर्डर हेल्थ स्क्रीनिंग मजबूत करने तथा संक्रमित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं को तत्काल बढ़ाने की सलाह दी है। लगातार बढ़ते मामलों ने एक बार फिर दुनिया को इबोला जैसी खतरनाक बीमारी के खतरे की याद दिला दी है।

