हल्द्वानी। उत्तराखंड की उभरती बाल योग प्रतिभा हर्षिका रिखाड़ी ने एक बार फिर अपने शानदार प्रदर्शन से प्रदेश का नाम रोशन किया है। जस गोविन पब्लिक स्कूल हल्द्वानी की छात्रा और ‘रबर डॉल’ के नाम से प्रसिद्ध नन्ही योगिनी हर्षिका को अखिल भारतीय योग शिक्षक महासंघ ने अपने संगठन का ब्रांड एंबेसडर (किड्स) नियुक्त किया है।
महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष योग गुरु मंगेश त्रिवेदी ने हर्षिका को योग के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान, अनुशासन, प्रतिभा और बाल योग प्रेरणा के प्रति समर्पण को देखते हुए यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी है। इतनी कम उम्र में राष्ट्रीय स्तर पर यह सम्मान मिलने से हर्षिका के परिवार, स्कूल और पूरे हल्द्वानी क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई है।
हर्षिका की इस उपलब्धि पर उनके पिता भुवन रिखाड़ी, माता मोनिका रिखाड़ी, कोच नीरज धपोला एवं गीता धपोला ने प्रसन्नता जताई। स्कूल प्रबंधन और शिक्षकों ने भी हर्षिका को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उसकी मेहनत और लगन आने वाले समय में देश-प्रदेश के लिए बड़ी प्रेरणा बनेगी।
9 साल की उम्र में हासिल किए 50 से अधिक मेडल
महज 9 वर्ष की आयु में हर्षिका ने योग के क्षेत्र में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में भाग लेकर अपनी अलग पहचान बनाई है। अब तक वह लगभग 50 मेडल जीत चुकी हैं, जिनमें 25 गोल्ड मेडल शामिल हैं।
इतना ही नहीं, हर्षिका को दो बार राष्ट्रीय स्तर पर ‘योग रत्न अवार्ड’ से भी सम्मानित किया जा चुका है। इसके अलावा उनके नाम कई प्रतिष्ठित उपलब्धियां दर्ज हैं, जिनमें ‘मैजिक बुक ऑफ रिकॉर्ड’, ‘इंडिया प्राउड बुक ऑफ रिकॉर्ड’, ‘टॉप 21 इंडियन इंस्पायरिंग योगीज’ और ‘योगासन खेल रत्न अवार्ड’ जैसे सम्मान शामिल हैं।
बाल योग प्रतिभाओं के लिए बन रही प्रेरणा
कम उम्र में लगातार मिल रही उपलब्धियों ने हर्षिका को देशभर की बाल योग प्रतिभाओं के लिए प्रेरणा बना दिया है। कठिन योगासन को सहजता और लचीलेपन के साथ करने की क्षमता के कारण लोग उन्हें ‘रबर डॉल’ के नाम से भी जानते हैं।
योग विशेषज्ञों का कहना है कि हर्षिका जैसी प्रतिभाएं न केवल योग को नई पीढ़ी तक पहुंचा रही हैं, बल्कि स्वस्थ जीवनशैली के प्रति बच्चों को प्रेरित भी कर रही हैं।
हल्द्वानी की यह नन्ही योगिनी अब राष्ट्रीय स्तर पर उत्तराखंड का मान बढ़ाने के साथ-साथ बाल योग के क्षेत्र में नई मिसाल कायम कर रही है।


