मुजफ्फरनगर। बेगराजपुर मेडिकल कॉलेज के गर्ल्स हॉस्टल में एमबीबीएस छात्रा शगुन सैनी (24) की मौत से परिवार का डॉक्टर बनाने का सपना बिखर गया। हरियाणा के कैथल जिले के कलायत की रहने वाली शगुन की मौत के बाद परिजन सोमवार देर रात मुजफ्फरनगर पहुंचे। पुलिस से जानकारी लेने के बाद मंगलवार सुबह वे कॉलेज पहुंचे और बेटी का सामान लेकर घर लौट गए। परिजनों ने पुलिस को लिखित रूप से दिया कि वे मामले में कोई कार्रवाई नहीं चाहते। हालांकि, पुलिस ने नियमानुसार पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी कराई।
शगुन के पिता सतीश कुमार और मां शालिनी हरियाणा में शिक्षक हैं। उन्होंने कड़ी मेहनत कर अपने दोनों बच्चों को डॉक्टर बनाने का सपना देखा था। शगुन बेगराजपुर मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस 2023 बैच की छात्रा थी, जबकि उसका भाई हरियाणा के शाहाबाद में एमबीबीएस प्रथम वर्ष की पढ़ाई कर रहा है। बेटी की असमय मौत से परिवार गहरे सदमे में है।
पुलिस के अनुसार, सोमवार रात गर्ल्स हॉस्टल में उपस्थिति जांच के दौरान शगुन के नहीं पहुंचने पर घटना का पता चला। सूचना मिलने पर पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। कमरे का दरवाजा तोड़कर छात्रा को बाहर निकाला गया। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और उसके साथ कमरे में रहने वाली गुरुग्राम की छात्रा जिया गर्ग से भी जानकारी ली।
सीओ खतौली रुपाली राय ने बताया कि मंगलवार सुबह करीब नौ बजे पुलिस के साथ परिजन मेडिकल कॉलेज पहुंचे। वे शगुन का सामान लेकर लौट गए। परिजनों ने मंसूरपुर थाने में लिखित रूप से किसी तरह की कार्रवाई नहीं चाहने की बात कही। विवेचक विपिन त्यागी के अनुसार, परिवार ने पोस्टमार्टम कराने से भी इनकार किया था, लेकिन पुलिस ने आवश्यक प्रक्रिया पूरी कराई।
प्रारंभिक जानकारी में सामने आया था कि शगुन का मोबाइल फोन पर किसी व्यक्ति से अक्सर विवाद होता था। हालांकि, विवाद की वजह और घटना के पीछे की परिस्थितियों को लेकर अभी स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। परिजनों की ओर से कार्रवाई से इनकार किए जाने के बाद भी छात्रा की मौत ने हॉस्टल में रहने वाले विद्यार्थियों की मानसिक स्थिति और उनकी समस्याओं को लेकर सवाल खड़े किए हैं।
घटना के बाद कॉलेज प्रबंधन ने भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के उपायों पर चर्चा करने का निर्णय लिया है। प्रबंधन के पदाधिकारी बुधवार को कॉलेज पहुंचेंगे। निदेशक गौरव स्वरूप ने घटना को बेहद दुखद बताते हुए कहा कि समिति के सदस्य आपस में चर्चा करेंगे और विद्यार्थियों से संवाद भी किया जाएगा। शगुन की रूम पार्टनर जिया गर्ग को मंगलवार को नया कमरा आवंटित किया गया। उससे भी मामले के संबंध में जानकारी ली गई है।
स्वामी कल्याण देव जिला चिकित्सालय के मनोचिकित्सक डॉ. अर्पण जैन का कहना है कि घर से दूर रहकर पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों में कभी-कभी अकेलेपन की भावना बढ़ सकती है। ऐसे में अभिभावकों को बच्चों की समस्याएं धैर्य से सुननी चाहिए और उनसे दोस्त की तरह संवाद बनाए रखना चाहिए। बच्चों को यह भरोसा होना जरूरी है कि वे अपनी परेशानी बिना झिझक परिवार के साथ साझा कर सकते हैं।

