डोडा। जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में लगातार हो रही भारी बारिश और बादल फटने की घटनाओं ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। प्राकृतिक आपदा के चलते कृषि भूमि, बाग-बगीचों और निजी संपत्तियों को भारी नुकसान पहुंचा है, जबकि कई प्रमुख सड़कें बंद होने से अनेक क्षेत्रों का संपर्क भी बाधित हो गया है। प्रशासन ने प्रभावित इलाकों में राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया है।
भलेसा में बादल फटने से भारी तबाही
डोडा जिले के भलेसा क्षेत्र के खलजुगासर इलाके में बादल फटने के बाद अचानक आई बाढ़ ने व्यापक तबाही मचाई। तेज बहाव के कारण किसानों की खड़ी फसलें और फलदार बाग-बगीचे बर्बाद हो गए। कई मकानों और अन्य निजी संपत्तियों को भी नुकसान पहुंचा है, जिससे प्रभावित परिवारों के सामने बड़ी मुश्किल खड़ी हो गई है।
सड़कें बंद, कई इलाके कटे
लगातार बारिश और मलबा आने के कारण जिले की कई प्रमुख सड़कें बंद हो गई हैं। इसके चलते भलेसा के भट्यास क्षेत्र का संपर्क घंटों तक अन्य इलाकों से पूरी तरह कट गया। सड़कें बंद होने से लोगों को दैनिक जरूरतों की वस्तुओं और आवश्यक सेवाओं के लिए भी परेशानी का सामना करना पड़ा।
कश्तीगढ़ में भी अचानक बाढ़ जैसे हालात
डोडा जिले के कश्तीगढ़ क्षेत्र में भी मूसलाधार बारिश के बाद अचानक बाढ़ जैसी स्थिति बन गई। हालांकि, राहत की बात यह है कि इस क्षेत्र से किसी भी प्रकार की जनहानि की सूचना नहीं मिली है। प्रशासन हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है और नुकसान का आकलन किया जा रहा है।
राहत और बहाली कार्य जारी
बादल फटने और तेज बारिश के कारण क्षेत्र के कई जल स्रोत उफान पर आ गए, जिससे निचले इलाकों में जलभराव और मिट्टी का कटाव बढ़ गया। प्रशासन ने बंद सड़कों को खोलने के लिए मशीनरी तैनात कर दी है और राहत एवं बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी हैं।
अधिकारियों ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने, नदी-नालों के किनारे जाने से बचने और प्रशासन द्वारा जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की अपील की है। साथ ही प्रभावित क्षेत्रों में नुकसान का सर्वे भी शुरू कर दिया गया है।

