पिथौरागढ़। कांग्रेस की परिवर्तन संकल्प रैली के दौरान मंगलवार को पिथौरागढ़ में पार्टी की अंदरूनी गुटबाजी खुलकर सामने आ गई। जिला पंचायत सभागार में आयोजित कार्यक्रम में प्रदेश अध्यक्ष Ganesh Godiyal की मौजूदगी में महिला जिलाध्यक्ष के बयान के बाद हंगामा हो गया। उनके समर्थकों ने पिथौरागढ़ विधायक Mayukh Mahar के खिलाफ नारेबाजी की, जिससे कार्यक्रम में असहज स्थिति पैदा हो गई।
रैली में प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल के अलावा विधायक मयूख महर, धारचूला विधायक Harish Dhami, पूर्व विधायक Hemesh Kharkwal, पूर्व जिलाध्यक्ष Anju Lunthi और महिला जिलाध्यक्ष Bhawana Nagarkoti मंच पर मौजूद थे।
महिला जिलाध्यक्ष के बयान से बढ़ा विवाद
कार्यक्रम के दौरान जब भावना नगरकोटी ने निकाय चुनाव के दौरान कांग्रेस के भीतर हुए विवादों का जिक्र करना शुरू किया तो माहौल गर्म हो गया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस विधायक ने निकाय चुनाव में ऐसी महिला को उम्मीदवार बनाया जो पार्टी की सदस्य भी नहीं थी। उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव के दौरान उन्हें “चरित्रहीन” तक कहा गया और पूछा कि आखिर उन्होंने ऐसी कौन-सी गलती की थी।
बताया गया कि जब उन्हें इस विषय पर आगे बोलने से रोका गया तो उनके समर्थक मंच पर पहुंच गए और विधायक मयूख महर के खिलाफ “मुर्दाबाद” के नारे लगाने लगे। हंगामे के बीच विधायक मयूख महर नाराज होकर कार्यक्रम छोड़कर चले गए।
गोदियाल ने दी अनुशासन की नसीहत
घटना से आहत प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने मंच से पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं को अनुशासन और एकजुटता का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि कुछ लोग यह समझते हैं कि पार्टी उनके बिना नहीं चल सकती, लेकिन उन्हें यह भी समझना चाहिए कि पार्टी के बिना उनका भी कोई अस्तित्व नहीं है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की सबसे बड़ी ताकत उसके कार्यकर्ता हैं और यदि कार्यकर्ता ही आपस में टकराएंगे तो संगठन कमजोर होगा।
“बीज बचेगा तभी फसल लहलहाएगी। टकराइए मत, बीजों को संभालिए।” गोदियाल ने कार्यकर्ताओं से आपसी मतभेद भुलाकर संगठन को मजबूत करने और पार्टी हित को सर्वोपरि रखने की अपील की।
विधायक मयूख महर ने लगाया साजिश का आरोप
हंगामे के बाद विधायक मयूख महर ने कहा कि प्रदेश अध्यक्ष के दौरे को लेकर कार्यकर्ताओं में उत्साह था, लेकिन कांग्रेस के भीतर ही कुछ लोगों को यह पसंद नहीं आया। उनके अनुसार एक गुट ने सुनियोजित तरीके से कार्यक्रम को बाधित करने की कोशिश की।
उन्होंने आरोप लगाया कि मंच पर बोलने वाली पहली वक्ता ने संगठनात्मक मुद्दों की बजाय व्यक्तिगत और राजनीतिक खुन्नस निकालने का प्रयास किया, जिससे पूरा कार्यक्रम प्रभावित हुआ। परिवर्तन संकल्प रैली के दौरान सामने आई यह घटना एक बार फिर पिथौरागढ़ कांग्रेस में गुटबाजी और संगठनात्मक असंतोष को उजागर कर गई।

