हल्द्वानी। नैनीताल जिले के कमलुवागांजा स्थित मरियम कॉलेज ऑफ पैरामेडिकल एजुकेशन एंड हॉस्पिटल में कथित घुसपैठ, मारपीट, अभद्रता और शिक्षण कार्य में बाधा डालने का मामला सामने आया है। कॉलेज की प्रधानाचार्य दया पांडे ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को प्रार्थना-पत्र भेजकर पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच कराने और आरोपितों के खिलाफ कड़ी वैधानिक कार्रवाई की मांग की है।
प्रधानाचार्य द्वारा भेजे गए प्रार्थना-पत्र के अनुसार, 25 जुलाई 2026 को दोपहर करीब 12:30 बजे कुछ लोग 30 से 35 समर्थकों के साथ जबरन कॉलेज परिसर में घुस आए। आरोप है कि इन लोगों ने कॉलेज में हंगामा किया, गाली-गलौज की, हाथापाई की और शिक्षण कार्य में बाधा पहुंचाई। उस समय कॉलेज में विश्वविद्यालय की आईटी परीक्षा भी संचालित हो रही थी, जिससे परीक्षा व्यवस्था प्रभावित होने का भी दावा किया गया है।
प्रधानाचार्य दया पांडे का कहना है कि जिन लोगों ने कॉलेज में प्रवेश किया, उनमें साफिया मलिक, अब्दुल मलिक और उनके सहयोगी शामिल थे। उनका आरोप है कि इन व्यक्तियों का वर्तमान में संस्थान या संबंधित सोसायटी के किसी वैध दस्तावेज में कोई अधिकार नहीं है, इसके बावजूद उन्होंने जबरन परिसर में प्रवेश कर कॉलेज के शैक्षणिक माहौल को बिगाड़ने का प्रयास किया।
तीन वर्षों में संस्थान को व्यवस्थित करने का दावा
प्रार्थना-पत्र में प्रधानाचार्य ने कहा है कि पिछले तीन वर्षों से संस्थान का संचालन उनकी देखरेख में किया जा रहा है। इस दौरान कॉलेज की प्रशासनिक और शैक्षणिक व्यवस्थाओं को सुव्यवस्थित किया गया, विश्वविद्यालय की सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कराई गईं, एक बैच सफलतापूर्वक पास आउट हुआ तथा विद्युत बिल, जीएसटी, विश्वविद्यालय शुल्क सहित अन्य वित्तीय देयताओं का नियमित भुगतान किया गया।
पुलिस को दी सूचना, फिर भी दोबारा धमकी देने का आरोप
प्रधानाचार्य के अनुसार, घटना के दौरान तत्काल डायल-112 पर सूचना दी गई, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची। उनका कहना है कि थाना स्तर पर आश्वासन दिया गया था कि संबंधित लोग भविष्य में कॉलेज के कार्यों में हस्तक्षेप नहीं करेंगे। इसके बावजूद आरोप है कि बाद में वे दोबारा कॉलेज पहुंचे और प्रधानाचार्य तथा स्टाफ को जान से मारने की धमकी दी।
उन्होंने मुख्यमंत्री को भेजे गए पत्र में कहा है कि यदि भविष्य में उनके या संस्थान के किसी कर्मचारी के साथ कोई अप्रिय घटना होती है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित आरोपितों की होगी।
वीडियो और फोटो साक्ष्य सौंपने का दावा
प्रधानाचार्य ने अपने आवेदन के साथ घटना से जुड़े वीडियो, फोटो और अन्य साक्ष्य भी उपलब्ध कराने का दावा किया है। उन्होंने राज्य सरकार से निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है, ताकि शिक्षण संस्थान की सुरक्षा, गरिमा और शैक्षणिक वातावरण बना रहे।
हालांकि, इस पूरे मामले में जिन लोगों पर आरोप लगाए गए हैं, उनकी ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। पुलिस जांच और प्रशासनिक कार्रवाई के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

